शामली। भागदौड़ भरी जिंदगी और जीवन शैली में बदलाव के चलते नींद कम आने की लोगों में समस्या बन रही है। नींद कम आने की वजह से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि स्वस्थ जीवन के लिए कम से कम आठ घंटे की नींद लेना जरूरी है।
नींद न आने की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 21 मार्च से पहले शुक्रवार को विश्व निद्रा दिवस मनाया जाता है। वर्तमान तकनीकी युग में लोग मोबाइल और कंप्यूटर का अधिक इस्तेमाल कर रहे है। देर रात तक सोशल मीडिया पर चिपके रहने से युवा वर्ग तेजी से नींद न आने की बीमारी की चपेट में आ रहा है। इसके अलावा दिनभर की भागदौड़ और पारिवारिक समस्याएं भी नींद न आने की प्रमुख वजह बन रही है। 20 साल से अधिक उम्र के लोगों में यह समस्या अधिक होती है। पर्याप्त नींद न लेने पर शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। अगर समय पर इसका उपचार या समाधान नहीं किया जाता तो गंभीर बीमारियों के होने का भी खतरा बन जाता है। सरकारी अस्पताल में रोजाना इस तरह के कई केस पहुंच रहे हैं।
सीएचसी के मेडिकल आफिसर डॉ. विजेंद्र कुमार ने बताया कि दो-तीन मरीज रोजाना ऐसे आते हैं, जिन्हें नींद पूरी न लेने की वजह से बीमार होते हैं। डॉ. विजेंद्र ने बताया कि एक गांव से आए 22 वर्षीय युवक ने रात में नींद न आने से तनाव में रहने की समस्या बताई। इसी तरह एक अन्य मरीज ने बताया कि दिन में बेचैनी रहती है और रात में घबराहट होती है। उसे भी यह समस्या नींद न आने की वजह से बनी थी। सीएचसी के मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुहैल हसन ने बताया कि दिन में तीन-चार मरीज ऐसे आते हैं, जो नींद पूरी न लेने की वजह से उन्हें कई तरह की परेशानी होती हैं।
नींद न आने से ये होते है रोग
चिड़चिड़ापन रहना, भूलने की समस्या, ब्लड प्रेशर बढ़ना, मधुमेह, सुस्ती, डिप्रेशन, भूख कम या बढ़ना, धड़कन तेज होना, मन में उदासी, काम में मन न लगना।
समाधान
जीवन शैली में सुधार करना
मेडिटेशन व योग व्यायाम करना
सुबह की सैर करना, घूमना
रात के समय दाल या भारी भोजन का सेवन करने से परहेज करना।
रात को दूध व अन्य तरल पदार्थों का अधिक सेवन करना
सोने की नियमित दिनचर्या बनाए।
समय पर चिकित्सक की सलाह लेे
कोट
जीवन शैली में बदलाव आने की वजह से रात को लोग नींद पूरी नहीं ले पाते, जिससे कई तरह के रोग होने की संभावना रहती है। स्वस्थ जीवन के आठ घंटे की नींद लेनी चाहिए। पर्याप्त नींद न आने से शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से प्रतिकूल असर पड़ता है। - डा. संजय भटनागर, सीएमओ।