थानाभवन। नोटबंदी से परेशान लोगों ने बैंकों के बाहर जमकर हंगामा किया। दो बैंकों के बाहर नो कैश का बोर्ड लगाने पर ग्राहकों ने बैंक शाखा प्रबंधक का घेराव कर नारेबाजी की। मामला बिगडता देख पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कर बैंक का गेट खुलवाया।
सोमवार को बैंकों के सामने पैसा लेने वालों और जमा करने वालों की लंबी लाइनें लग गईं। नगर के पंजाब नेशनल बैंक, ओरियंटल बैंक, एसबीआई ने तो प्रात: दस बजे से ग्राहकों को दो और चार हजार रुपये तक कैश देना प्रारंभ कर दिया, लेकिन ग्राहक इससे ज्यादा की मांग कर हंगामा करने लगे। बैंक कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई।
एसबीआई पर पहुंचे ग्राहक मनोज राणा, जयपाल, रमेश चन्द, हामिद आदि का आरोप था कि शाखा प्रबंधक ने दस बाहर लोगों को कैश देकर कैश नहीं होने की बात कहकर भुगतान नहीं दिया। अपने चहेतों को बुलाकर नकदी दी जा रही है। वहीं, यूनियन बैंक में शाम 4 बजे हंगामा हो गया। लाइन में लगे लोगों को बैंक कर्मियों ने कल आने के लिए कह दिया। इस पर लोगों का आरोप था जब बैंक में कैश है और वह सुबह से लाइन में खड़े हैं, तो भुगतान क्यों नहीं दिया जा रहा।
लोगों का आक्रोश इतना बढ़ गया उन्होंने शाखा प्रबंधक का घेराव कर दिया। बाहर खडे़ लोगों ने प्रबंधक के खिलाफ नारेबाजी की सूचना पर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद लोगों को शांत किया। तब जाकर बैंक का कार्य शुरू हुआ।
उधर, नोटबंदी से त्रस्त गढ़ीपुख्ता के लोगों ने समाजसेवी रणकुमार के नेतृत्व में सोमवार को जुलूस निकाला। ज्ञापन में माध्यम से अवगत कराया कि बैंक
द्वारा लोगों को कैश उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। बैंक में 19 गांव लगते हैं, लेकिन कैश न मिलने से सभी को परेशानी हो रही है। एक गांव का नंबर एक सप्ताह बाद आता है।
एक सप्ताह बाद भी दो हजार रुपये तक भी नहीं मिल पाता है। आरोप है कि बैक प्रबंधक और कर्मचारी दलालों एवं अपने परिचितों के रुपये बदल रहे हैं। रण कुमार ने बताया कि उसके पिता तेजपाल सिंह गढ़ीपुख्ता काफी दिनों से दिल का बीमार है। पैसों के लेनदेन न होने से वह अपने पिता का इलाज नहीं करा पा रहा है।
उन्होंने डीएम से बैंक की व्यवस्था सुधारने की मांग की है। मौके पर सजीव कुमार, जुबेर कुरैशी, अकरम अली, शहजाद अली, नितिन तोमर, आमिर खान, मनोजराणा, ऋषिपाल सिंह, राजेश सैनी, सतपाल आदि रहे।