शामली। यमुना नदी में खनन के काले कारोबार में पुलिस-प्रशासन और माफिया का गठजोड़ खंगालने में जुटी सीबीआई ने इन सभी के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकाली तो कई रसूखदारों की गर्दन फंस सकती है। पुलिस के हल्का इंचार्जों से लेकर रेत माफिया तक के नंबर भी सीबीआई तलाशने में जुटी है।
शामली जनपद की ऊन और कैराना तहसील क्षेत्र से यमुना नदी बहती है। इन दोनों तहसील क्षेत्रों में यमुना नदी में अवैध रेत खनन किया जाता है। अवैध खनन में खाकी और खादी का गठजोड़ भी बताया जाता है। दो दिन से अवैध रेत खनन की जांच करने सीबीआई टीम शामली में आई हुई है। टीम के सदस्य जानने का प्रयास कर रहे हैं कि अवैध खनन में कौन-कौन संलिप्त है।
शुक्रवार को यमुना खादर में जांच के दौरान टीम के सदस्यों ने बिडौली यमुना पुल के पास रेत के स्टाक की जांच भी कराई और वहां मिले ग्रामीणों से लंबी बातचीत की। ग्रामीणों से पूछा कि यहां अवैध रेत खनन होता है या नहीं और कब से हो रहा है तथा अवैध खनन कराने वाले कौन-कौन हैं। टीम यह जानने का प्रयास करेगी कि इस खनन में पुलिस-प्रशासन के अलावा राजनीतिक लोगों की कितनी संलिप्तता रही।
इसी के चलते टीम कैराना और झिंझाना थानों में हल्का इंचार्ज, अधिकतर नाइट ड्यूटी में रहने वाले पुलिसकर्मियों और रेत खनन माफिया के नंबर भी तलाशने में जुटी है। जाहिर है कि संलिप्तता की जांच करने के लिए टीम इनके नंबरों की सीडीआर निकवाने का प्रयास करेगी। यदि सीबीआई ने जुटाए गए नंबरों की सीडीआर खंगाली, तो कई रसूखदारों के भी नाम सामने आ सकते हैं।