शामली। बोर्ड परीक्षा में अयोग्य शिक्षक यदि परीक्षक बने तो इसके लिए प्रधानाचार्य जिम्मेदार होंगे। इसके लिए 23 दिसंबर तक प्रधानाचार्यों को पोर्टल पर डाटा अपडेट करने का मौका दिया गया है। परिषद ने डाटा अपडेट करने के लिए वेबसाइट को भी खोल दिया है।
जनपद में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए 35 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर परीक्षक व कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की जानी है। माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक बनाया जाएगा। इन कक्ष निरीक्षकों का डाटा माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर पूरे विवरण के साथ तत्काल अपलोड और अपडेट करना जरूरी है।
इसके अलावा परीक्षकों और कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इन कर्मियों को यूनिक आईडी व ड्यूटी कार्ड जारी करने के साथ पारिश्रमिक का भुगतान ऑनलाइन किया जाएगा। इसके लिए बैंक विवरण भी उपलब्ध कराना होगा। डीआईओएस जेएस शाक्य ने बताया कि विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को शिक्षकों का डाटा अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कोई भी प्रधानाचार्य अयोग्य शिक्षक का डाटा कक्ष निरीक्षक बनने के लिए अपलोड करता है, पकड़े जाने पर प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों को अपने विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के अपलोड कराए गए विवरण को दोबारा जांचने के लिए कहा है। जिसमें उनके नाम, पंजीकरण संख्या, विषय, तिथि, पंजीकरण संख्या, विषय कोड की जांच करने के लिए कहा, ताकि कोई भी शिक्षक किसी गलत विषय में परीक्षक नियुक्त न हो सके।