शामली। अपर दोआब चीनी मिल शामली पर 221 करोड़ रुपये किसानों का पिछले सत्र का बकाया है। चीनी मिल मालिकों ने किसानों का संपूर्ण गन्ना भुगतान मिल के घाटे के चलते देने से इंकार कर दिया है। दूसरी तरफ किसान संपूर्ण गन्ना भुगतान मिलने के बाद ही चीनी मिल चलाने के फैसले पर अडिग है। ऐसी स्थिति में मिल से जुड़े 75 हजार किसान इस असमंजस में है कि गन्ना काटकर कहां डाले और फिर गेहूं की बुआई कैसे हो। अब किसानों का कहना है कि प्रदेश सरकार किसानों की समस्या का समाधान करते हुए चीनी मिल को 221 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद कर मिल चलवाए या फिर उनका गन्ना डायवर्जन करें।
अपर दोआब शामली चीनी मिल के 12 खरीद केंद्र तितावी, ऊन चीनी मिल को जाने के बाद शामली चीनी मिल के पास गेट समेत 18 खरीद केंद्र बचे हैं। शामली मिल से करीब 75 हजार किसान जुड़े हुए हैं। जिले की अन्य चीनी मिलों का पेराई सत्र चालू हुए 22 दिन हो चुके हैं। शामली चीनी मिल किसानों के धरने के कारण बंद पड़ी है। जिले में शासन की ओर से गेहूं की बुआई का लक्ष्य 55001 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। जिसमें शामली चीनी मिल से 16500 हेक्टेयर क्षेत्र जुड़ा हुआ है। शामली चीनी मिल के न चलने से गेहूं बुआई का लक्ष्य भी गड़बड़ाने की संभावना है। संवाद
डीएम शासन को भेजे अपनी रिपोर्ट, सरकार गन्ना भुगतान कराए
सिलावर के किसान संजीव चौधरी का कहना है कि डीएम को किसानों की समस्या से शासन को अवगत कराए। सरकार को किसानों की समस्याओं को देखते हुए आगे आकर पहल करनी होगी। सरकार किसानों के भुगतान की व्यवस्था कराने के साथ ही अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त कराकर शामली चीनी मिल को अपने स्तर से चालू कराए
चीनी मिल का गन्ना डायवर्जन हो
कालखंडे खाप के चौधरी बाबा संजय कालखंडे का कहना कि किसानों की समस्या का समाधान करने के लिए शामली चीनी मिल के किसानों का गन्ना दूसरी चीनी मिल को डायवर्जन करना होगा। जिससे किसान अपने गन्ने का खेतों को खाली करके गेहूं की बुआई समय पर कर सके।
गन्ना राज्य मंत्री को अवगत करा चुके हैं किसानों की समस्या
कियू अराजनैतिक के सरंक्षक एवं गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक का कहना है कि अपर दोआब चीनी मिल और किसानों की समस्या के संबंध में मथुरा में प्रदेश के गन्ना राज्य मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण सिंह से मुलाकात करके अवगत कराया था। चीनी मिल के किसानों का गन्ना डायवर्जन करके दूसरी मिलों को दिया जाए।
किसानों की समस्या हल करने की जिम्मेदारी सरकार की
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत का कहना है कि शामली चीनी मिल और किसानों का संपूर्ण गन्ना भुगतान न होना बड़ी समस्या है। चीनी मिल घाटे के कारण मालिक किसानों का संपूर्ण गन्ना भुगतान करने से हाथ खड़े कर चुका है। ऐसी स्थिति में सरकार की जिम्मेदारी है कि किसानों का संपूर्ण गन्ना भुगतान कराकर शामली चीनी मिल का गन्ना डायवर्जन कराया जाए।
मिल को चलवाने के लिए किसानों से फिर से वार्ता की जाएगी। प्रयास रहेगा कि ऐसा समाधान निकाला जाए, जिससे किसानों को परेशानी न हो।
संतोष कुमार, एडीएम शामली