शामली। जिले में हेपेटाइटिस बी व सी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन दवा न मिलने से मरीज भटक रहे हैं। इलाज न होने की वजह से मरीजों की जान जोखिम में है, लेकिन शासन से दवा नहीं मिल रही है। करीब ढ़ाई माह से जिला अस्पताल में दवा खत्म चल रही है।
जिले में हेपेटाइटिस के मरीज रोजाना सामने आ रहे हैं। इनमें हेपेटाइटिस सी के मरीज सबसे ज्यादा है। इस समय पोर्टल पर 870 से ज्यादा मरीजों का पंजीकरण हो चुका है। इस महीने में अब तक 178 नए मरीज सामने आ चुके हैं। हेपेटाइटिस के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं लेकिन जिला अस्पताल में 15 सितंबर से दवा खत्म है। इस महीने में लखनऊ से दवा की सिर्फ 200 खुराक मिली थी। छह नवंबर को 183 व सात नवंबर को 17 मरीजों को दवा देने के बाद यह खत्म हो गई थी। मरीज दवा के लिए जिला अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन दवा कब आएगी, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण करने वाले लैब टैक्नीशियन विशाल कुमार ने बताया कि पोर्टल पर हेपेटाइटिस के लगभग 870 मरीजों का पंजीकरण हो चुका है। पंजीकरण कराने के लिए रोजाना नए मरीज सामने आ रहे हैं।
ये बोले मरीज
कैराना क्षेत्र निवासी मकसूद ने बताया जांच रिपोर्ट में उसे हेपेटाइटिस सी बताया है। वह तीन बार दवा लेने के लिए जिला अस्पताल आ चुका है, लेकिन हर बार दवा खत्म होना बताकर वापस भेज दिया जाता है।
कांधला क्षेत्र के यामीन ने बताया उसे डेढ़ माह पहले जांच में हेपेटाइटिस की बीमारी बताई थी। उसे बताया था कि जिला अस्पताल में दवा मिलती हैे। वह कई बार दवा लेने के लिए आ चुका है,लेकिन हर बार एक ही बात कही जाती है कि लखनऊ से दवा नहीं आई।
कैराना क्षेत्र के उदयवीर ने बताया वह दवा लेने के लिए किराया खर्च करके जिला अस्पताल में दवा लेने के लिए तीन बार आ चुका है। दवा तो मिलती ही नहीं, लेकिन यह भी नहीं बताया जाता कि दवा कब तक आएगी।
शासन स्तर से अभी हेपेटाइटिस की दवा नहीं आई है। कई बार दवा को लेकर पत्राचार किया जा चुका है। जैसे ही लखनऊ से दवा आएगी। मरीजों को उपलब्ध कराई जाएगी।
-डॉ. अंजू जोधा, सीएमएस जिला अस्पताल।