शामली में बंद पड़ा ईंट भट्ठा।
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शामली में पानीपत थर्मल पावर प्लांट से फ्लाई ऐश उपलब्ध न होने से जिले के ईट भट्ठे का संचालन होना फिलहाल संभव नहीं लग रहा है। जिले के ईट भट्ठों को जितनी फ्लाई ऐश की आवश्यकता है, वह उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में पानीपत के थर्मल पावर प्लांट के अधिकारियों ने ईट भट्ठा मालिकों को फ्लाई ऐश उपलब्ध न कराने से इंकार कर दिया है।
भारत सरकार ने ईट भट्ठा उद्योग पर प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से थर्मल पावर की राख को मिट्टी में मिलाकर्र इंट पथाई के निर्देश दिए है। पर्यावरण मंत्रालय के निर्देश पर जिला प्रशासन ने जिले के ईट भट्ठों का संचालन एक जनवरी से बंद करा दिया हैं। इससे जिले के ईट भट्ठा उद्योग पर संकट के बादल छाए गए है। नियम के अनुसार 100 किमी के दायरे में थर्मल पावर प्लांट से जिले के ईट भट्ठा मालिकान फ्लाई ऐश प्राप्त करके ईट भट्ठे का संचालन कर सकते है। शामली जिले के 100 किमी के दायरे में पानीपत थर्मल पावर प्लांट आता है। इस पर जिले के ईट निर्माता समिति की ओर से पानीपत थर्मल पावर प्लांट से शामली जिले के 153 ईट भट्ठों की आवश्यकता के अनुसार फ्लाई ऐश की मांग की थी। पानीपत थर्मल पावर प्लांट के अधिकारियों ने फ्लाई ऐश उपलब्ध न होने की जानकारी दे दी है। फ्लाई ऐश उपलब्ध न होने से जिले के ईट भट्ठा मालिक निराश होकर लौट आए हैं। समिति के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र मलिक ने बताया कि पानीपत थर्मल पावर प्लांट के अधिकारियों को 2500 से लेकर 3000 टन फ्लाई ऐश की जरूरत का पत्र सौंपा था। प्लांट अधिकारियों ने जिले को जरूरत के मुताबिक फ्लाई ऐश उपलब्ध कराने से इंकार कर दिया है।
प्रतिदिन प्रयोग होती है एक हजार से लेकर 1400 टन फ्लाई ऐश
शामली। पानीपत थर्मल पावर प्लांट के एसडीओ देशराज सिह ने बताया कि प्लांट में 1000 से लेकर 1400 टन फ्लाई ऐश की उपलब्धता है। प्लांट का फ्लाई ऐश लिए जाने का सीमेंट फैक्ट्रियों के साथ अनुबंध है। उपलब्धता के अनुसार सीमेंट फैक्ट्रियों को फ्लाई ऐश उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि शामली जिले के ईट भट्ठा मालिकों को फ्लाई ऐश उपलब्ध न होने का पत्र दे दिया है। ईट भट्ठा मालिक पांड एक्स खरीद कर पथाई कर सकते है। उधर, जिला ईट निर्माता समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र मलिक ने बताया कि पांड एक्स थर्मल की राख होती है, जो मजदूरों के लिए उपयुक्त नहीं है। वह मजदूूरों के हाथों को नुकसान पहुंचा सकती है।