शामली। जिले में ठंड बढ़ने के साथ ही रात में कोहना छाने लगा है। ऐसे मौसम में हादसे होने की आशंका ज्यादा रहती है। जिले में चिन्हित किए गए ब्लैक स्पॉट पर न तो संकेतक लगे हैं और न ही वहां चेतावनी बोर्ड लगा हैं। अधिकारी भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
रात के तापमान में कमी आने के साथ कोहरा भी छा रहा है। इस महीने में घना कोहरा छाने की संभावना मौसम वैज्ञानिक जता रहे हैं। लेकिन जिले में सड़कों पर कोहरे में हादसे रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। जिले में मेरठ-करनाल हाईवे पर शामली क्षेत्र में काबड़ौत पुल और झिंझाना क्षेत्र में पीएनबी तिराहा को ब्लैक स्पॉट चिह्नित किया गया है, लेकिन वहां पर न संकेतक लगे हैं और न ही चेतावनी बोर्ड। काबड़ौत पुल के पास पांच और पीएनबी तिराहा के पास चार हादसे हो चुके हैं।
काबड़ौत ब्लैक स्पॉट
मेरठ-करनाल हाईवे पर काबड़ौत पुल के आसपास अक्सर हादसे होते रहते हैं। काबड़ौत गांव के सामने बहावड़ी मार्ग भी है, जिससे वाहनों का इधर से उधर आवागमन होता रहता है।
पीएनबी तिराहा ब्लैक स्पॉट
झिंझाना में पीएनबी तिराहा पर न तो सफेद पट्टी है। न ही यहां पर कोई संकेतक या साइन बोर्ड लगा है। इस तिराहे पर लोगों की भीड़ के साथ वाहनों का आवागमन ज्यादा रहता है।
तीन साल में हुए हादसे
वर्ष हादसे मृतक घायल
2022 189 106 146
2023 212 128 168
2024 216 129 199
हाईवे व अन्य मार्गों पर हादसे रोकने के लिए संकेतक व चेतावनी बोर्ड जगह-जगह लगे हुए हैं। जहां पर संकेतक आदि नहीं लगे हैं, वहां पर संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर लगवाए जाएंगे।
- रोहित राजपूत, एआरटीओ