एडेड स्कूलों में 390 पदों पर जल्द भर्ती की जगी आस
शामली। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश के एडेड माध्यमिक विद्यालयों में खाली पड़े शिक्षकों के पदों पर भर्ती में देरी होने पर नाराजगी जताई है। इन पदों पर तदर्थ शिक्षकों को वरीयता देकर भर्ती करने के आदेश दिए हैं। इससे जिले के माध्यमिक स्कूलों में रिक्त चल रहे शिक्षकों के 390 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया। इस भर्ती में तदर्थ शिक्षकों को भी लाभ मिलेगा।
एडेड स्कूलों में रिक्त पड़े शिक्षकों के पदों पर भर्ती में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। इन पदों पर शीघ्र भर्ती करने के आदेश जारी किए हैं, जिससे तदर्थ शिक्षकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इन स्कूलों में पढ़ा रहे तदर्थ शिक्षकों को इस भर्ती में वरीयता देने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही उनकी पुरानी सेवा को भी जोड़ा जाएगा। जनपद के एडेड स्कूलों में प्रवक्ता के कुल 203 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 89 रिक्त हैं, जबकि सहायक अध्यापक के 535 पदों में से 301 रिक्त चल रहे हैं। इन पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। जिले में कार्य कर रहे तदर्थ शिक्षकों को इसका लाभ मिलेगा। उनकी पुरानी सेवा भी इसमें जुड़ेगी। उधर, डीआईओएस सरदार सिंह का कहना है कि जिला स्तर पर इस आदेश के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। शासन से जो निर्देश प्राप्त होंगे उनका अनुपालन किया जाएगा।
प्रबंधन की ओर से रखे जाते हैं तदर्थ शिक्षक
स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए तदर्थ शिक्षक रखे जाते हैं। यह एक तरह से आपदा निवारण नियुक्ति है। जिले के स्कूलों में बड़ी संख्या में तदर्थ शिक्षक कार्यरत हैं। ये नियमित करने की मांग करते आ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इन शिक्षकों को उम्मीद जगी है।
मैनेजमेंट कोटे के शिक्षकों को बड़ा झटका
शामली। जिले में मैनेजमेंट कोटे के शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने मैनेजमेंट कोटे से नियुक्त किए गए शिक्षकों की नियुक्तियां रद्द करने का आदेश दिया है। उनकी अब परीक्षा होगी। इस आदेश की जद में जिले के कई शिक्षक आएंगे। बताया जाता है कि अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थाओं में मैनेजमेंट कोटे से कुछ नियुक्तियां हुई हैं। यही शिक्षक इस आदेश की जद में आएंगे। डीआईओएस सरदार सिंह का कहना है कि जिले में मैनेजमेंट कोटे से नियुक्त शिक्षकों का कोई आंकड़ा विभाग के पास नहीं है। आदेश के संबंध में भी अभी कोई जानकारी नहीं मिली है।