शामली जैन कन्या इन्टर कॉलेज में हिंदी है हम पर आयोजित गोष्ठी में बोलती शिक्षिका
- फोटो : SHAMLI
हिंदी भाषा हमारे देश की धरोहर : इंदु शर्मा
शामली। अमर उजाला के हिंदी हैं हम अभियान से प्रेरित होकर जैन कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित हिंदी का उत्थान कैसे हो विषयक संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि मातृभाषा को अपनाकर ही विकास की राह पर चल सकते हैं। जन-जन को जो मिलाती है वह हिंदी भाषा कहलाती है। हिंदी प्रवक्ता इंदु शर्मा ने कहा कि हिंदी हमारे देश की धरोहर है।
हिंदी पखवाड़ा के तहत बृहस्पतिवार को कॉलेज में आयोजित संगोष्ठी में प्रधानाचार्य डा. रुचिता ढाका ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा ही नहीं राजभाषा भी है। 14 सितंबर 1949 को इसे अधिकारिक भाषा का दर्जा दिया गया। उस समय यह माना गया था कि 1965 तक इसके उपयोग के आधार पर इसे राष्ट्रभाषा बनाया जाएगा, लेकिन ऐसा अभी तक नहीं हो सका। विश्व में चीनी के बाद हिंदी भाषा सबसे अधिक बोली जाती है। यह सशक्त व्यावहारिक भाषा है।
हिंदी प्रवक्ता इंदु शर्मा ने कहा कि हिंदी हमारे देश की धरोहर है। 26 जनवरी 1950 को भारत के संविधान में हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया गया। दुनिया में लगभग 176 विश्वविद्यालयों में हिंदी की शिक्षा दी जाती है। इनमें 25 विश्वविद्यालय अमेरिका के हैं, जहां पर 25 से ज्यादा पत्र-पत्रिकाएं हिंदी में प्रकाशित होती हैं। दुनिया में हिंदी को ताकतवर भाषाओं में शामिल किया गया है। हिंदी का प्रयोग करने में हमें गर्व की अनुभूति होनी चाहिए।
शोभा जैन ने कहा कि मातृभाषा हिंदी सभी भाषाओं में सरल, सुंदर और मीठी है। अपनी भाषा का ज्ञान और उन्नति ही देश की उन्नति का आधार है। भाषा अपनाने से ही हिंदी साहित्य का विस्तार होगा। हमें हिंदी बोलने में संकोच नहीं करना चाहिए। तनु सैनी ने कहा हिंदी बनाती हमें महान देश की है यह शान। हिंदी प्रेरणा का एक स्रोत है। सहायक अध्यापिका ममता गर्ग ने कहा कि हिंदी एक भाषा नहीं भावों की अभिव्यक्ति है। यह भाषा लोगों से अपने विचारों को व्यक्त करने और जोड़ने का माध्यम है। हिंदी ही एक ऐसी भाषा है, जो हमारे मन को गर्व से भर देती है। यह विश्व की प्राचीन और समृद्ध भाषा है। हिंदी हिंदुस्तानियों की पहचान है। अपने देश केे विकसित करने के लिए हिंदी को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए। हमारे मन में हिंदी के प्रति सम्मान व आदर होना चाहिए। गोष्ठी में संगीत सरोहा, भावना और अलका संगल आदि शिक्षिकाएं भी मौजूद रहीं।