हंगरी बॉर्डर के पास पहुंचा यूक्रेन में फंसा हिमांशु
कैराना। यूक्रेन में युद्ध छिड़ने के बाद वहां के पोल्टावा शहर में फंसा छात्र हिमांशु चौहान बस से हंगरी बॉर्डर के नजदीक पहुंच गया है। कैराना क्षेत्र के ऊंचा गांव निवासी हिमांशु चौहान पोल्टावा शहर की मेडिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में फंस गया था। एक दिन पहले ब्लास्ट की आशंका को देखते हुए हॉस्टल के बेसमेंट में बनाए गए बंकर में सभी छात्रों ने शरण ली थी। तभी से हिमांशु लगातार हॉस्टल से निकलने का प्रयास कर रहा था।
हिमांशु ने बताया कि 50-60 भारतीय छात्रों ने मिलकर एक बस बुक की। सोमवार देर रात सभी छात्र बस में सवार हो गए। बस उनको हंगरी बॉर्डर से करीब 50 किलोमीटर पहले उजोगोर्डो शहर की एक यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में पहुंचाएगी। उनके पास खाने-पीने का थोड़ा सामान है। हंगरी बॉर्डर के नजदीक यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रुकने के बाद आगे का रास्ता तय किया जाएगा। भारत के समयानुसार मंगलवार रात नौ बजे हंगरी बॉर्डर के नजदीक पहुंच जाएंगे। हिमांशु ने बताया कि रास्ते में 8-10 जगह यूक्रेन आर्मी ने उनकी गाड़ी रुकवाकर चेकिंग की। इस दौरान आर्मी ने भारत का झंडा देखने व गाड़ी के अंदर अच्छी तरह चेकिंग करने के बाद ही उन्हें आगे जाने दिया।
परिवार चिंतित, पिता ने की सरकार से अपील
हिमांशु को लेकर उसके परिजन चिंतित हैं और न्यूज चैनलों के माध्यम से यूक्रेन की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। परिजन हिमांशु से लगातार बात कर उसका हौसला बढ़ा रहे हैं। मंगलवार को पिता रविंद्र चौहान ने वीडियो जारी कर बताया कि वह भगवान से लगातार यही प्रार्थना कर रहे हैं कि उनके बेटे सहित सभी भारतीय छात्रों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने सरकार से अपील की है कि सभी छात्रों को सरकार जल्द से जल्द अभियान चलाकर सुरक्षित उनके घर पहुंचाए।
रेलवे स्टेशन के नजदीक मिसाइल से हुआ हमला
- ट्रेन नहीं मिली तो बस बुक कर हंगरी बॉर्डर पर पहुंचने का किया जा रहा प्रयास
फोटो समाचार
कैराना। छह दिन से रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है। जिसके बाद भारतीय छात्र सहित अन्य नागरिक यूक्रेन छोड़ रहे हैं। केंद्र सरकार यूक्रेन के सीमावर्ती देशों से भारतीय छात्रों को फ्लाइट के जरिए भारत ला रही है। वहीं, कीव से हंगरी बॉर्डर के लिए आ रही कैराना निवासी अंजलि पाहिवाल ने बताया कि वोकजालना रेलवे स्टेशन के पास मिसाइल हमला होने के बाद से सभी भारतीय छात्र सहमे हुए हैं।
कैराना के मोहल्ला आलदरम्यान निवासी एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा अंजलि पाहिवाल कीव मेडिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में फंसी हुई थी। सोमवार को अंजलि ने 50-60 भारतीय छात्रों के साथ ट्रेन से हंगरी बॉर्डर जाने का निर्णय लिया था। वह अन्य छात्र-छात्राओं के साथ वोकजालना स्टेशन पर पहुंच गई थी। मंगलवार की सुबह ट्रेन से यूक्रेन के लवव स्टेशन पर पहुंची। यहां रेलवे स्टेशन पर भारतीय छात्रों की लंबी लाइनें लगी हुई हैं। दिनभर सभी छात्र ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। ट्रेन न आने के बाद भारतीय समयानुसार अपराह्न तीन बजे 50-60 छात्र-छात्राओं ने एक बस हंगरी बॉर्डर के लिए बुक की।
रेलवे स्टेशन पर उन्होंने बिस्कुट, चिप्स से पेट भरा। अंजलि के पिता बिट्टू ने कहा कि कीव में हालात खराब होने के बाद उसकी बेटी ने अन्य छात्रों के साथ हंगरी बॉर्डर पर जाने का निर्णय लिया। कुछ दूर उसने ट्रेन से सफर किया, लेकिन आगे ट्रेन नहीं मिल सकी। जिस कारण बस से बेटी हंगरी बॉर्डर के लिए रवाना हो चुकी है। बेटी को लेकर पूरा परिवार चिंतित हैं। वह लगातार भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि उनकी बेटी जल्द ही भारत की धरती पर आ जाए। अंजलि ने बताया कि लवव स्टेशन से हंगरी बॉर्डर करीब 400 किलोमीटर दूर है। रास्ते में यूक्रेन के लोग जगह-जगह बसों को रोक रहे हैं। जिस कारण 400 किलोमीटर का सफर मुश्किल बना हुआ है।