शामली। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान की जिले में शुरूआत हो गई। फाउंडेशन की ओर से शहर के स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित एक दिवसीय सेल्फ डिफेंस शिविर में स्कूल की 220 छात्राओं को जूडो कराटे, ताइक्वांडो की ट्रेनिंग दी गई। नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट और ब्लैक बेल्ट कोमल सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा के टिप्स दिए। छात्राओं ने शपथपत्र भरकर अमर उजाला की मुहिम से जुड़ने का संकल्प लिया।
शिविर का शुभारंभ स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूूल के निदेशक राजीव गर्ग और रितेश गर्ग ने किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला की ये मुहिम महिला उत्थान की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उनकी संस्था में प्राइमरी लेवल से ही छात्राओं को सेल्फ डिफेंस की क्लास दी जाती है। ताइक्वांडो आदि सिखाया जाता है। इस मौके पर स्कूल के ताइक्वांडो ट्रेनर इमरान कुरैशी, नितिन मुकेश शर्मा, सीमा पुंडीर, मोहित चौहान आदि का सहयोग रहा।
संकल्प पत्र भरकर अभियान से जुड़े
स्कूल में पढ़ रही कक्षा नौ से 12 तक की 220 छात्राएं अपराजिता अभियान के संकल्प पत्र भरकर अभियान से जुड़ी। छात्राओं में संकल्प पत्र भेजने को लेकर इतना जबर्दस्त उत्साह था कि छोटी क्लास की छात्राएं भी इन्हें भरने को पहुंच गईं। छात्राओं ने इस अभियान को अमर उजाला का अच्छा प्रयास बताया।
छात्राओं ने बेबाकी से पूछे सवाल
कार्यक्रम में छात्राओं ने सेल्फ डिफेंस से संबंधित सवाल बेबाकी से पूछे। कुछ छात्राओं ने कहा कि कोचिंग के बाद घर से लौटते वक्त कई बार युवक पीछा करते हैं। कक्षा-11 की खुशी ने पूछा कि सरकार ने उनकी सुरक्षा के क्या इंतजाम किए हैं। कक्षा-11 की ही तनु ने पूछा कि यदि वे किसी गलत काम की सूचना पुलिस को दें तो क्या उनका नाम गुप्त रखा जाएगा। रेशू ने पूछा कि रास्ते में यदि कोई लड़का उनकी स्कूटी को जानबूझकर टक्कर मारे तो क्या करें। उन्नति, मेघा, वंशिका, अदिति, तनिष्का, आस्था, आशी, आकृति आदि ने पूछा कि यदि रात को वे लेट होने पर देर से आटो से घर आती हैं तो क्या करें।
ऐच्छिक ब्यूरो सदस्य संगीता जिंदल ने ये दिए टिप्स
- यदि आप रात को घर जाने में लेट हो जाएं तो परिजनों को सूचना दे।
- जिस ऑटो में आ रही हैं उसका नंबर और चालक का फोटो व्हाट्सएप भेज दें।
- संभव हो तो अपने पास लालमिर्च पाउडर पर्स में रखें।
- कोई पीछा करता है, या रास्ते में छेड़ता है तो तुरंत परिजनों को बताएं।
- स्कूल कालेज में कुछ गलत हो तो क्लास टीचर, प्रधानाचार्य से बताएं।
- किसी भी घटना पर 100 या महिला हेल्पलाइन 1090 नंबर कॉल करेें।
- सेल्फ डिफेंस के लिए ताइक्वांडो, कराटे सीखें।
परिजनों से साझा करें हर बात : कोमल सिंह
ताइक्वांडो में नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट, आरवी फाइट क्लब फाइटर ब्लैक बेल्ट ट्रेनर कोमल सिंह ने कहा कि लड़कियां कमजोर नहीं होती बल्कि उनकी शर्म और चुप्पी उन्हें कमजोर बनाती है। लड़की को ये अच्छी परख होती है कि किसने उन्हें गलत ढंग से टच किया और किसकी मंशा बुरी नहीं थी। कौन उनका पीछा कर रहा है, इसकी भनक भी उन्हें हो जाती है। बस में सफर के वक्त छेड़खानी होती है तो वे चुप रह जाती है। उनकी यही झिझक ओर शर्म आरोपियों के हौसले बढ़ाती है और बाद में किसी बड़ी वारदात को जन्म देती है। बेहतर होगा कि उनके साथ गलत हरकत करने वाले को भरी भीड़ में सबक सिखाएं। शुरू में ही उन्हें ये बातें अपने परिजनों से शेयर करनी चाहिए। उन्हें खुलकर पूरी जानकारी देनी चाहिए ।
कक्षा छह से ही सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग
स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल की स्पोर्ट्स हैड और कोच श्वेता चौधरी ने कहा कि आजकल स्कूलों में कक्षा छह से ही लड़कियों को सेल्फ डिफेंस के लिए ट्रेंड करना शुरू कर दिया जाता है। उनके स्कूल में भी अच्छे ट्रेनर हैं। अभिभावक भी चाहते हैं कि उनकी बेटियां सेल्फडिपेंड हों। लड़कियों को इसके लिए ताइक्वांडो, जूडो कराटे आदि सीखने चाहिए ताकि किसी भी वक्त जरूरत होने पर वे अपनी रक्षा खुद कर सके।