कैराना। शामली निवासी आयुष मलिक के धर्मांतरण प्रकरण के आरोप में जेल में बंद चांदनी और उसके पिता इस्लाम सहित पांच आरोपियों की जमानत याचिका पर शुक्रवार को जनपद न्यायालय में सुनवाई होगी।
छह जून को शामली के दवा व्यापारी देवराज मलिक ने शामली कोतवाली पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि काजीवाड़ा निवासी जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने उसके इकलौते बेटे आयुष मलिक को प्रेमजाल में फंसा कर निकाह कर लिया तथा उसका धर्मांतरण करा दिया। शामली पुलिस ने चांदनी और उसके पिता इस्लाम सहित 11 आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने चांदनी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
आठ जून को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने चांदनी और उसके पिता इस्लाम की जमानत खारिज कर दी थी। इस्लाम और उसकी बहनों राहिल तथा सुमैला तथा आस मोहम्मद उर्फ आसु ने जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत याचिका दायर की थी। एक जुलाई को चांदनी ने भी अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत याचिका दायर की। शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में सभी पांच आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई की जाएगी।