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Shamli News: दो जिलों की सीमा में फंसी 11 गांवों की स्वास्थ्य सेवाएं

Sat, 09 Nov 2024 12:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। इसे दो जिलों के प्रशासन की हीलाहवाली ही कहा जाएगा कि 11 गांव राजस्व रिकॉर्ड में मुजफ्फरनगर जबकि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए शामली जिले में शामिल है। मगर दो जिलों की सीमा विवाद के चलते उक्त गांवों के लोगों को समय पर स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पा रहा है। फुगाना गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने की शिकायत ग्रामीणों ने दोनों जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों से की मगर सुनवाई नहीं हुई।
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ग्रामीणों द्वारा एक्स पर और कमिश्नर से की गई शिकायत के बाद विभागीय अधिकारियों में खलबली मच गई। कमिश्नर ने सीमा विवाद के मामले में जांच बैठाते हुए ग्रामीणों को हर हाल में स्वास्थ्य सेवाएं देने के निर्देश दिए हैं।
शामली को अलग जिला बनाने के बाद भी यहां के कुछ गांव को मुजफ्फरनगर जिले में मिला दिया गया था। मुजफ्फरनगर के फुगाना गांव के प्रिय शास्त्री और अन्य ग्रामीणों ने एक्स और कमिश्नर को शिकायत करते हुए कहा कि उनके गांव में पिछले कुछ समय से बुखार से लेकर खांसी, नजला, जुकाम का प्रकोप है। गांव में स्वास्थ्य शिविर लगवाने के लिए मुजफ्फरनगर स्वास्थ्य विभाग से शिकायत की मगर स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि फुगाना गांव उनके सिर्फ राजस्व में आता है स्वास्थ्य के लिए कांधला सीएचसी के अंतर्गत पड़ता है। आरोप है कि शामली स्वास्थ्य विभाग और अन्य अधिकारियों से शिकायत करने पर मुजफ्फरनगर के अंतर्गत ही स्वास्थ्य शिविर लगाने की बात कहीं गई।
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कमिश्नर सहारनपुर ने ग्रामीणों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए शामली के मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी को मामले की जांच सौंपी। कहा कि फुगाना समेत जो भी गांव शामली या फिर मुजफ्फरनगर के अंतर्गत आते हैं, उनकी जांच कराए साथ ही वहां पर तत्काल स्वास्थ्य कैंप लगवाकर उपचार दिलाए। कमिश्नर की चिट्ठी के बाद जांच कराई गई तो पता चला कि फुगाना भले ही मुजफ्फरनगर जिले के अंतर्गत आता है, मगर वहां के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए कांधला सीएचसी की ही जिम्मेदारी है। सीडीओ ने जल्द शिविर लगाने को कहा है।
मुजफ्फरनगर के ये गांव कांधला सीएचसी के अधीन
फुगाना के अलावा मुजफ्फरनगर जिले में खरड़, सरनावली, कौंदा महाजन, खेड़ा मस्तान, बिराल, गढमलपुर, राजपुर छाजपुर, कमरुदीननगर, दुर्गनपुर खेड़ा, डूगर आदि को भी कांधला सीएचसी से ही उपचार कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि दो जिलों के अधिकारियों के सीमा विवाद के कारण उन्हें बुखार और अन्य बीमारी फैलने के कारण समय पर उपचार नहीं मिल पाता। शिकायत के बाद ही उपचार मिलता है। जिसके कारण उन्हें परेशानी होती है।
यह बोले लोग
खरड़ गांव के मोहित का कहना है कि वह स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी गांव को मुजफ्फरनगर में कराने की मांग कर रहे हैं, मगर सुनवाई नहीं की जा रही।
खरड़ गांव के ही विवेक का कहना है कि मुजफ्फरनगर जिले के वासी होने के बावजूद उन्हें 25 किलोमीटर चलकर कांधला सीएचसी पर उपचार कराने के लिए जाना पड़ता है। कई बार दोनों जिलों के अधिकारी एक दूसरे की सीमा बताकर चक्कर कटाते हैं। आकाश का कहना है कि यदि उनका गांव बुढ़ाना सीएचसी के अंतर्गत कर दिया जाए तो उन्हें 10 किलोमीटर की दूरी पर ही उपचार मिल सकेगा। अब कांधला में 25 किलोमीटर पर उपचार कराना पड़ता है। ग्राम प्रधान जितेंद्र का कहना है कि गांव में मच्छरों से निजात दिलाने को स्वास्थ्य शिविर लगवाया जा रहा है।
फुगाना, खरड़ में संक्रामक रोगों से पीड़ित के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश कमिश्नर ने दिए हैं। उपचार नहीं देने के मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी जाएगी। प्रयास रहेगा कि 11 में से किसी भी गांव के ग्रामीणों को परेशानी नहीं होने दी जाए।
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विनय कुमार तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी, शामली
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