शामली। जसाला सीएचसी स्थित बीएसएल टू लैब का पहले ट्रांसफार्मर और फिर जेनरेटर खराब होने से करीब एक सप्ताह से हेपेटाइटिस बी व सी के मरीजों के वायरल लोड की जांच बंद चल रही है। इससे मरीज परेशान हैं।
जिले में हर महीने हेपेटाइटिस बी व सी के 250-300 नए मरीज सामने आ रहे हैं। हेपेटाइटिस की कार्ड से जांच में पुष्टि होने पर मरीजों की वायरल लोड की जांच कराई जाती है। वायरल लोड के आधार पर मरीजों का उपचार शुरू होता है। जिले में इस समय 800 से ज्यादा मरीजों का उपचार चल रहा है। मरीजों के लिए जिला अस्पताल में निशुल्क दवा उपलब्ध है।
मरीजों के वायरल लोड की जांच जसाला स्थित बीएसएल टू में होती है। पिछले करीब एक सप्ताह से जांच बंद चल रही है। इसकी वजह यह है कि हाईटेंशन लाइन से तेज बिजली आने से पहले ट्रांसफार्मर फुंक गया था। इसके बाद तेज बिजली आने से लैब का जेनरेटर खराब हो गया। जेनरेटर ठीक न होने से मरीजों की जांच बंद चल रही है। जांच न होने से मरीजाें का समय से उपचार शुरू नहीं हो रहा है। जिला अस्पताल में प्रत्येक सप्ताह शुक्रवार को जिला अस्पताल में वायरल लोड की जांच के लिए रक्त नमूने लेने के लिए शिविर आयोजित किया गया जाता है। शिविर में प्रत्येक सप्ताह 120 से 150 मरीजों के नमूने लिए जाते हैं। सीएमओ डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि ट्रांसफार्मर खराब होने का मामला जानकारी में आया था, जिसे ठीक कराने के लिए विद्युत विभाग को पत्राचार किया गया था। जेनरेटर खराब होने की जानकारी नहीं है। इसकी जानकारी कर ठीक कराया जाएगा।