झिंझाना (शामली)। हरियाणा मंडी में गेहूं लेकर जा रहे यूपी के किसानों को शुक्रवार को बिड़ौली बार्डर पर रोक दिया गया। इससे आक्रोशित यूपी के किसानों न भाकियू नेताओं ने हंगामा किया और मेरठ-करनाल हाइवे पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंचे दोनों प्रदेशों के अधिकारियों और किसानों के बीच हुई वार्ता के बाद जाम खोल दिया गया। वार्ता में तय किया गया कि यूपी के किसानों को आधार कार्ड और खसरा खतौनी की नकल दिखानी होगी, इसके बाद उन्हें नहीं रोका जाएगा।
गेहूं लेकर जा रहे किसानों को हरियाणा पुलिस द्वारा रोकने और विरोध में हाइवे पर जाम लगाने की सूचना पर एसडीएम ऊन वीके सिंह, सीओ कैराना राजेश तिवारी, थाना प्रभारी के अलावा करनाल (हरियाणा) के एसडीएम इमरान रजा, सीओ विरेंद्र सिंह, मंडी सचिव महावीर सिंह और भाकियू नेता विनोद निर्वाल मौके पर पहुंच गए।
एसडीएम करनाल का कहना है कि यूपी के गेहूं से भरे वाहनों के कारण पूरा जिला जाम हो गया है। किसानों के नाम पर व्यापारी भी गेहूं लेकर हरियाणा मंडी में जा रहे हैं। जिलाधिकारी करनाल के आदेश पर गेहूं ले जाने पर रोक लगाई है। इसी बीच वहां पहुंचे भाकियू की हरियाणा इकाई के प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने यूपी के किसानों के समर्थन में आंदोलन की चेतावनी दी। बाद में सहमति बनी की किसानों के पहचान स्पष्ट करने पर जाने दिया जाएगा, व्यापारियों का गेहूं रोका जाएगा।
पिछले साल धान ले जाने से भी रोका गया था
पांच माह पूर्व यूपी के किसान धान की फसल को भी हरियाणा की मंडी में बेचने के लिए जा रहे थे। उस वक्त भी हरियाणा प्रशासन ने ट्रालियों को यमुना पुल पर रोक दिया था। जिसके बाद जमकर हंगामा हुआ था। हरियाणा के अधिकारियों की हठधर्मिता के कारण यहां के किसानों में आक्रोश पनप गया है। किसानों ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने अपने रवैये में सुधार नहीं किया तो आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा। इस मौके पर विनोद निर्वाल, समरपाल सिंह तोमर, आशु टिकैत, कुलवंत सिंह, अरविंद, रणबीर, अब्बास प्रधान सहित, किसान शेर सिंह, राजकुमार, अशोक, मोहित, रामकुमार, अर्जुन, बिजेंद्र, प्रमोद, विष्णुदत्त, शिवकुमार, दिनेश आदि किसान पठानपुरा, सकौती, म्यान कस्बा, मंसूरा, चैतरा, अलीनगर, सूबरी आदि गांवों से मौजूद रहे।