हरिनाम संकीर्तन झूमे श्रद्धालु
शामली। गीता भागवत सत्संग में वृंदावन से आई परिचारिका जीवानुगा शैलवासिनी देवी दासी ने हरिनाम संकीर्तन कराया। संकीर्तन में श्रद्धालु भजनों पर जमकर झूमे।
शुक्रवार को शहर के टंकी रोड़ स्थित माता वैष्णो देवी में भागवत प्रचार समिति द्वारा गीता भागवत सत्संग का आयोजन कराया गया। जिसमें वृंदावन से आई गीता भागवत प्रचार समिति की परिचारिका जीवानुगा शैलवासिनी देवी दासी ने प्रवचन किए। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा संकीर्तन यज्ञ है, जो भगवान श्री कृष्ण को प्यारा है। कलयुग में संकीर्तन द्वारा ही भगवान को प्राप्त करने का सर्वश्रेष्ठ साधन है। उन्होंने कहा कि सांसारिक या भौतिक प्राणी सभी भगवान श्री कृष्ण की प्रजा हैं। वह सब के मालिक हैं। दूसरा कोई नहीं है। उन्हीं की आत्मा सभी के अंदर विराजमान हैं। दुख - सुख में जो हम कष्ट झेलते है, वह जीव के पाप पुण्य कर्म होते है। जीव माया के प्रभाव में है। पाप पुण्य कर्म से हम मुक्त नहीं हो सकते। आज जीव श्रीकृष्ण को भूल चुके हैं, इसलिए वह दुखी है। जीव को श्री कृष्ण की भक्ति की माला का जाप अवश्य करना चाहिए। हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे राम हरे राम का जाप करने से जीवन में बदलाव आएगा। भगवान की जीव पर कृपा होगी। सत्संग में महाआरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर सविता मित्तल, आकांक्षा गर्ग, मुक्ता रानी, गीता, सरिता, सविता, नीरज, अलका, सरिता, राज, प्रीति वैष्णव मौजूद रहे।