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जनपद में जनसंख्या नियंत्रण का जिम्मा संभाल रही आधी आबादी

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शामली। जनपद में जनसंख्या नियंत्रण के लिए पुरुषों के मुकाबले महिलाएं काफी आगे चल रही हैं। पिछले सालों के आंकड़ों को देखने से लगता है कि जनसंख्या नियंत्रण और परिवार नियोजन की जिम्मेेदारी महिलाएं ही संभाल रही हैं। परिवार नियोजन के लिए अन्य उपाय करने में भी महिलाएं ही आगे चल रही हैं।
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पिछले कई सालों में स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों को देखे तो वर्ष 2018-19 में कुल नसबंदी आपरेशन 576 हुए, जिनमें 562 महिलाओं के और 14 आपरेशन पुरुष के हुए। इसी तरह वर्ष 2019-20 में हुए कुल नसबंदी आपरेशन 634 में 622 महिलाओं के और 12 पुरुष के हुए। परिवार नियोजन के उपाय करने में भी महिलाएं आगे हैं। इस साल एक अप्रैल से अब तक 542 महिलाओं ने कॉपर-टी, ओरल पिल्स प्रयोग करने वालों की संख्या 3607, अंतरा 84 और छाया का प्रयोग करने की संख्या 174 रही। इसके अलावा परिवार नियोजन के लिए नसबंदी आपरेशन कराने पर शासन की तरफ से पुरुष को दो हजार रुपये और महिला को 1400 रुपये लाभार्थी को दिए जाते हैं। पुरुष को धनराशि अधिक दिए जाने के बाद भी नसबंदी कराने वालों की संख्या कम रहती है।
लॉकडाउन में नहीं खुला नसबंदी आपरेशन का खाता
शामली। लॉकडाउन में नसबंदी आपरेशन का खाता नहीं खुला है। नए वर्ष 2020-21 में एक अप्रैल से लेकर अभी तक जनपद के सरकारी अस्पतालों में नसबंदी का कोई आपरेशन नहीं हुआ है। स्वास्थ्य अधिकारी इसकी वजह लॉकडाउन मान रहे है। लॉकडाउन के दौरान अस्पतालों में इमरजेंसी को छोड़कर ओपीडी और अन्य सेवाएं बंद रहने के कारण महिला या पुरुष नसबंदी कराने नहीं पहुंचा।
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पिछले दो साल में नसबंदी आपरेशन के तुलनात्मक आंकड़े
वर्ष- 2018-19
पुरुष नसबंदी
वार्षिक लक्ष्य : 706
कुल नसबंदी : 14
प्रतिशत : 1.08
महिला नसबंदी
वार्षिक लक्ष्य : 6354
कुल नसबंदी : 562
प्रतिशत : 8.84
वर्ष : 2019-20
पुरुष नसबंदी
वार्षिक लक्ष्य : 177
कुल नसबंदी : 12
प्रतिशत : 6.78
महिला नसबंदी
वार्षिक लक्ष्य : 1164
कुल नसबंदी : 622
प्रतिशत : 53.44
कोट
जनपद में नसबंदी आपरेशन कराने में पिछले सालों में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या अधिक रही है। इस साल अभी तक जनपद में कोई नसबंदी आपरेशन नहीं हुआ है। परिवार नियोजन की जागरूकता के लिए प्रचार प्रसार के कार्यक्रम चलाए जाते हैं। - कमलेश चंद्र, जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ।
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