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बाजार में किराना, सब्जी की दुकानों पर उमड़ी भीड़

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बाजार में किराना, सब्जी की दुकानों पर उमड़ी भीड़
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शामली/कैराना/गढ़ीपुख्ता। जिले में चल रहे कोरोना कर्फ्यू में तीन दिन बाद आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुलीं। किराना और सब्जी की दुकानों पर सबसे ज्यादा भीड़ रही। इस दौरान सोशल डिस्टेंस का कोई पालन नहीं किया गया। उधर, सड़कों पर भी निजी वाहन दौड़ते रहे।
जिले में शुक्रवार रात आठ बजे से कोरोना कर्फ्यू लागू किया गया था। पहले यह मंगलवार सुबह सात बजे तक लगाया गया था। इसके बाद शासन ने कोरोना कर्फ्यू को दो दिन और बढ़ाकर छह मई की सुबह सात बजे तक कर दिया, लेकिन किराना, सब्जी, दूध, खाद, बीज जैसी आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को खोलने की छूट दी। तीन दिन बाद मंगलवार सुबह जैसे ही आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुलीं तो लोग सामान लेने के लिए घरों से निकल पड़े। सबसे ज्यादा भीड़ किराना और फल की दुकानों पर रही। नाला पटरी सब्जी मंडी पर सबसे ज्यादा भीड़ रही। भीड़ के दौरान सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं किया गया।
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कैराना में तीन दिन से चले आ रहे पूर्ण कोरोना कर्फ्यू के बाद आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुली। इसके चलते मंगलवार को, किराना, सब्जी, दूध आदि की दुकानें खुलीं तो ग्राहकों की भीड़ लग गई, लेकिन दोपहर में ग्राहक नदारद हो गए।
गढ़ीपुख्ता में आवश्यक वस्तुओं किराना, फल व सब्जी की दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ी। देहात में अनेक घरों में शादी होने की वजह से शादी का सामान लेने पहुंचे लोग दुकानें बंद मिलने पर लौट गए। ग्राहक राजपाल, ओमबीर, सतेंदर, ओंकार, जितेंद्र, महावीर, रिजवान, शादाब, रामकुमार आदि का कहना था कि जिला प्रशासन को चाहिए कि चार या पांच घंटे के लिए ही सही लेकिन पूरे बाजार को खुलवाए, जिससे ग्राहकों की भीड़ सिर्फ एक स्थान पर ना रहे।
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बाजार में कुछ ग्राहक ज्वैलरी की दुकान तलाश रहे थे तो कुछ ग्राहक जनरल स्टोर की दुकानों को देख रहे थे। रेडीमेड गारमेंट व जूते चप्पल खरीदने आए ग्राहक भी बाजार में पहुंचे। कस्बे के व्यापारी नीरज जैन, चंद्रपाल, इंद्रसेन, भूरा, रूचिन, ऋषभ, अमित संगल, सलीम राव, विवेक अरोरा, प्रमोद मित्तल, सावेज आलम, सुनील अरोरा, सदफ खान आदि का कहना है कि जिला प्रशासन अगर सप्ताह में तीन दिन भी बाजार पूरा खोलने की छूट दे, भले ही चार-पांच घंटे खुले तो बाजार में भीड़ नियंत्रित हो सकती है।
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