शामली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से आयोजित सिंधु जल संधि पर किसानों से संवाद में किसानों ने सर्वसम्मति से सिंधु जल समझौते को निरस्त करने का प्रस्ताव पारित किया। इस दौरान मंत्री ने किसानों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया
सोमवार को पूसा में एपीजे सिंधु हाल में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकाें की हत्या के बाद सिंधु जल संधि के निलंबन एवं ऑपरेशन सिंदूर के संबंध में केंद्र सरकार के निर्णय हेतु समर्थन किया गया। इस मौके पर भाकियू अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि हमें कानूनी अधिकार है। इस संधि पर पुनर्विचार एवं समाप्त करने का निर्णय ले। अगर देश की नदियों का पानी दुश्मन देश प्रयोग करे तो यह हमारे लिए शर्म की बात है।
भारत सरकार किसानों को पानी दिए जाने का कार्य करें, तो किसान दूसरी हरित क्रांति लाने को तैयार हैं। भाकियू अराजनैतिक भारत सरकार द्वारा उठाए गए इन प्रभावशाली और दृढ़ संकल्पों का पूर्ण समर्थन करती है। किसान भारत सरकार के हर देश हित के फैसले के साथ है। इस मौके पर पीजेन्ट्स वेल्फेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक बालियान ने कहा कि वियना कन्वेंशन (वीसीएलटी) के अनुच्छेद 60 और 62 के अनुसार भारत को भौतिक उल्लंघन या परिस्थितियों में मौलिक परिवर्तन के कारण संधि निलंबन करने का अधिकार है। इस जलसंधि के निलंबन से भारत के लिए जल प्रवाह पर अधिक नियंत्रण रखने का रास्ता खुल गया है।
भाकियू अराजनैतिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश सिंह चौहान ने कहा कि सिंधु जल पर हमारे किसानों का अधिकार है। एक-एक बूंद का उपयोग कृषि, बिजली और विकास में किया जाएगा। इस निर्णय से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के किसान समुदाय को नई ऊर्जा और अवसर प्राप्त होंगे। किसानों ने सर्वसम्मति से सिंधु जल समझौते को निरस्त करने का प्रस्ताव पारित किया।
इस मौके पर हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के किसानों ने भाग लिया। भाकियू अराजनैतिक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह रंधावा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मांगेराम त्यागी, राष्ट्रीय सचिव उम्मेद सिंह, बाबा श्यामसिंह मलिक, आगरा मंडल अध्यक्ष राजकुमार तोमर, राजेंद्र सिंह, विपिन त्यागी राजीव बालियान, सुधीर पंवार, रामपाल, हरपाल डागर, सलविंदर सिंह कलसी, राजेश चौहान आदि मौजूद रहे।