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बजट की आस में देर रात खुले सरकारी कार्यालय व कोषागार

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शामली। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन सरकारी विभाग, कोषागार, सभी बैंक और एलआईसी दफ्तर देर रात तक खुले रहे। सरकारी कार्यालयों में बजट का इंतजार किया जाता रहा। जबकि बैंक और एलआईसी दफ्तर में वार्षिक लेखाबंदी का काम होता रहा। विकास परियोजनाओं के लिए धनराशि न आने से जिले की झोली खाली रही। विभागों को सिर्फ वेतन और परियोजना की मरम्मत आदि के लिए कम बजट मिल पाया है। इसका कारण एमएलसी चुनाव के लिए लगी आचार संहिता माना जा रहा है।
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तीन विभागों को मिले करीब 17.50 लाख
माध्यमिक शिक्षा विभाग को अलंकार प्रोजेक्ट के तहत कंडेला में राजकीय इंटर कालेज और कांधला राजकीय इंटर कालेज की मरम्मत के लिए 12.23 लाख रुपये का बजट मिला है। बेसिक शिक्षा विभाग को आरटीई के तहत दो लाख रुपये का बजट प्राप्त हुआ है। खादी ग्रामोद्योग को 2.50 लाख रुपये ब्याज उपादान की मद में मिले।
पशुपालन विभाग ने वापस किए 32 लाख रुपये
पशुपालन विभाग को को मुर्गी पालन और कामधेनु योजना के तहत 11.63 करोड़ की धनराशि अवमुक्त हुई थी। पशुपालन विभाग सिर्फ मुर्गी पालन और कामधेनु योजना में 11.31 करोड़ रुपये खर्च कर पाया। वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर विभाग ने 32 लाख रुपये की धनराशि निदेशालय को वापस भेज दी है।
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इन विभागों को नहीं मिला बजट
लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, नलकूप, विकास विभाग, दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग, स्वास्थ्य, गन्ना, एआरटीओ समेत कई विभागों को नए वित्तीय वर्ष के बजट की धनराशि मुख्यालय से प्राप्त नहीं हुई। जिला कोषाधिकारी ज्ञानेंद्र पांडे का कहना है कि वित्तीय वर्ष खत्म होने के बाद जिले के विभागों को बजट का आवंटन नहीं हुआ है।
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