जलालाबाद। पंजाबी सत्संग भवन कटहरा चौक में चल रही श्रीराम कथा में कथा व्यास रामबिहारी दास ने प्रवचन करते हुए कहा कि भक्ति में ही शक्ति होती है। बड़े बड़े ज्ञानी संत महात्मा ज्ञान मार्ग पर चलकर भगवान के दर्शन नहीं कर पाए। वही भक्ति मार्ग से एक साधारण महिला शबरी भगवान के दर्शन पा गई। उन्हें अपने हाथों से के मीठे-मीठे बेर भी खिलाए, यही भक्ति है। उन्होंने कहा कि हम भगवान को यदि समर्पण भाव से भजते हैं, तो हम भी भगवान को पा सकते हैं। हमारा भी जीवन सार्थक हो सकता हैं।
इसलिए सादगी एवं संयम, नियम, तप एवं भक्ति से भगवान को भजना चाहिए। कथा में विभिन्न भक्तों जैसे प्रहलाद, ध्यानु, शबरी के चरित्र को भी सुनाया। कार्यक्रम में श्याम कुमार, बाबूराम नायक, बोधराज नारंग, राजकुमार रूहेला, रामदत्त आहूजा, राजपाल सैनी आदि का सहयोग रहा। उधर, प्राचीन दुर्गा देवी मंदिर में मां कालरात्रि का गुणगान करने के साथ ही हवन किया गया।
पंडित चंद्रमोहन शास्त्री ने कहा कि मां का यह रूप अनंत और व्यापक है। मां काली काल को भी जीतकर अजेय रहती हैं। मां काली भगवान शंकर कि अर्धांग्नि अर्थात उनका आध्य स्वरूप हैं। कहा जाता है कि भगवान शिव ने एक बार मां गौरा को काली कहकर पुकारा था।
तभी से मां का नाम काली विख्यात हो गया। माता का यह स्वरूप भक्तों के सभी मनोरथ पूर्ण करता है। श्रद्धालुओं ने मंदिर में कीर्तन किया। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान योगेश देवी, इंदू आहूजा, शकुंतला देवी, नीलिमा शर्मा, पूनम शर्मा, राखी रानी, पूनम रानी, सोनिका आदि मौजूद रहे।
सभी से प्रेम करो ः अरविंद दृष्टा
कैराना। गांव खंद्रावली शिव मंदिर में राम कथा के पांचवें दिन अरविंद दृष्टा जी महाराज ने राम-सीता विवाह एवं परशुराम संवाद का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा आत्मा ब्रह्म है, यह सत्य हैै। सभी से प्रेम करो, किसी से घृणा द्वेष न करें। नवमी तिथि को शिव मंदिर खंद्रावली में राम दरबार, लक्ष्मी नारायण, भगवान श्री कृष्ण, मां दुर्गा के मंदिरों की आधारशिला रखी जाएगी। कक्षा के दौरान डॉ. इंकलाब, विकास शर्मा, राधेश्याम एडवोकेट, अमित कुमार, राजीव शास्त्री आदि मौजूद रहे।