भैंसवाल गांव में पहुंचे पशु पालन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी: फोटो संवाद
शामली। जनपद में चार साल बाद एक बार फिर ग्लैंडर्स से एक घोड़ी पीड़ित पाई गई। पशुपालन विभाग ने तय कार्यक्रम के तहत उसको मौत की नींद सुला दिया। यह घोड़ी भैंसवाल गांव में मिली। मृत घोड़ी के शव को नौ फिट गहरे गड्ढे में दफन करवा दिया गया है। साथ ही पांच सैंपल लेकर जांच के लिए हिसार भेज दिए गए है। वहीं घोड़ी मालिक को 25 हजार रुपये का मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।
अश्व प्रजाति में ग्लैंडर्स बीमारी की जांच के लिए शासन के निर्देश पर जिले में चलाए जा रहे सैंपल अभियान के तहत पिछले माह जनपद से 25 घोड़ों के खून के सैंपल लेकर जांच के लिए हिसार में भेजे गए थे। तीन दिन पहले आई रिपोर्ट के बाद भैंसवाल गांव निवासी रामभजन की घोड़ी को ग्लैंडर्स बीमारी की पुष्टि हुई। वह तीन माह पहले ही हरियाणा से घोड़ी को खरीदकर लाया था। वह घोड़ा भग्गी चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। टीम ने बृहस्पतिवार को घोड़ी को मौत की नींद सुलाने के लिए रामभजन को राजी कर लिया था। चिकित्सकों की टीम ने भैंसवाल गांव के जंगल में खाली पड़ी जमीन पर गड्ढा खुदवाया और वहां घोड़ी को मौत का इंजेक्शन देकर गड्ढे में दबवा दिया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. जसवंत सिंह ने बताया कि चार साल बाद जनपद में एक ग्लैंडर्स का मामला सामने आया था। उन्होंने पांच सैंपल लिए हैं और उसको जांच के लिए हिसार भेज दिया गया है।