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राजनीतिक दलों ने नकारा, भाजपा नेताओं ने बताया अच्छा

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शामली। संसद में पेश किए गए आम बजट को भाजपा नेताओं ने सराहा है। वहीं विभिन्न राजनीतिक दलों ने बजट को किसान मजदूरों और युवाओं को हताश किया है। आम बजट को सपा-बसपा, कांग्रेस ने नकार दिया है। राजनीतिक दलों ने कहा महंगाई के दौर में किसान कर्ज के तले दबता जा रहा है। दुगनी आय करने का हसीन सपना पूरा नहीं हुआ है। आज बजट ने किसान, मजदूर, युवाओं को हताश किया है।
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आम बजट से किसानों को बहुत उम्मीदे थीं। बजट ने उन्हें निराश ही किया है। किसानों की आमदनी दो गुणा करने, खेती के लागत मूल्यों में हुई बढ़ोतरी के बाद लगता था सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कुछ उपाय जरूर करेगी, लेकिन न तो कर्ज पर ब्याज दरों में कोई कमी हुई और न ही फसलों के दाम बढ़ाने के लिए कोई नीतिगत निर्णय नहीं लिया है। सरकार ने रासायनिक खाद पर सब्सिडी की राशि में 8 हजार करोड़ से अधिक की कटौती की घोषणा की है, जिससे यूरिया के दामों में वृद्धि संभावना है। ऋण की राशि में कुछ बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन यदि महंगाई के सापेक्ष रखा जाए तो यह वृद्धि भी अपर्याप्त ही है। किसानों की जरूरत आमदनी में बढ़ोतरी की थी, लेकिन वित्त मंत्री ने उसे बजट में फिर आमदनी दो गुणा करने के हसीन सपने ही दिखाए। - सुधीर पंवार राष्ट्रीय प्रवक्ता सपा।
- अर्थव्यवस्था ठप है, व्यापार चौपट और एयर इंडिया बिक रहा है। एलआईसी को बेचने की तैयारी है। बेरोजगारी के आंकड़े डराने वाले हैं और वित्त मंत्री जी कह रही है कि अगले पांच साल में चार करोड़ नौकरियां आएंगी। यह बजट निराशाजनक है। - वारिस राव (पूर्व विधायक)
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- संसद में पेश किया गए आम बजट से किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों को हताशा मिली है। बजट में सिर्फ पूंजीपतियों को खुश करने का काम किया गया है। - अरविंद कुमार झाल, अध्यक्ष बसपा शामली
आम बजट ने किसान, मजदूूूरों, बेरोजगारों को निराश किया गया है। किसानों को सोलर लाइट और पंप की बात की है। नलकूपों पर ट्रांसफार्मर चोरी हो जाते हैं, मगर सोलर प्लेटों की सुरक्षा कैसे होगी। किसानों को बजट में खाना पूर्ति की गई। - डॉ. योगेंद्र चौधरी, जिलाध्यक्ष रालोद शामली।
आम बजट ऐतिहासिक और देश को नई दिशा देने वाला है। नई सोच के साथ बजट में बदलाव करके लाया गया है। किसानों की हर ब्लाक पर वेयर हाउस खोले जाने, किसान अपनी फसल दूध और सब्जियों को बाहर निर्यात करने, नलकूपों को संचालित करने के लिए सोलर पंपों की योजना की घोषणा करके किसान हितैषी बजट बनाया है। - तेजेंद्र निर्वाल विधायक शामली विधानसभा।
आम बजट में फसल की लागत घटाने, आय बढ़ाने व पेस्टीसाइड और खाद के दाम घटाने की सुविधा नहीं दी है। किसान और नौजवानों के लिए आम बजट के लिए ध्यान नहीं दिया गया है। आम बजट में सिर्फ आयकर में छूट देने की सिर्फ घोषणा की है। - कांग्रेस नेता व पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक।
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