फुरकान को 10 साल की सजा, एक लाख जुर्माना
कैराना (शामली)। क्षेत्र में पलायन का सूत्रधार बने कुख्यात फुरकान को नशीले पदार्थों की तस्करी में दोषी पाए जाने पर अपर जिला सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) सुबोध सिंह ने 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उसे दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक पुंडीर ने बताया कि 25 फरवरी 2019 को कैराना पुलिस ने पंजीठ तिराहे से फुरकान को 13 किलो डोडा के साथ गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। बाद में फुरकान जमानत पर बाहर आ गया। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) सुबोध सिंह की अदालत में चल रही थी। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से चार गवाह पेश किए गए। बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने दोषी पाए जाने पर फुरकान निवासी कैराना को 10 साल कठोर कारावास व एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उसे दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
एसपी ने खुद की गवाहों के बयानों की निगरानी
8 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैराना आकर पीएसी कैंप सहित 114 परियोजनाओं का शिलान्यास किया था। इस दौरान मुख्यमंत्री पलायन के बाद लौटे व्यापारियों के घर भी पहुंचे थे। उन्होंने इस दौरान व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने की बात कही थी। सीएम के कैराना आने के चार दिन बाद ही फुरकान अपनी जमानत तुड़वा कर जेल चला गया था। जिसके बाद से एसपी सुकीर्ति माधव ने खुद मुकदमे में गवाहों के बयान दर्ज कराने के लिए निगरानी की। बृहस्पतिवार को एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि निगरानी सेल और न्यायपालिका व पुलिस के बीच समन्वय बनाते हुए समय पर तेजी के साथ गवाही कराई गई। एनडीपीएस के मुकदमे में फुरकान को 10 साल की सजा व एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। फुरकान पर 16 अगस्त 2014 को व्यापार मंडल के कोषाध्यक्ष विनोद सिंघल की रंगदारी नहीं देने के कारण हत्या के मुकदमे सहित हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी, जानलेवा हमले आदि के 23 अन्य मुकदमे दर्ज हैं।