बाबरी क्षेत्र के गांव हाथी करौदा में मृतक जवान के शव को मुखाग्नि देता पुत्र।
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बाबरी (शामली)। क्षेत्र के गांव करौदा हाथी के बीएसएफ के जवान सेठपाल की पंजाब के अमृतसर में उपचार के दौरान अस्पताल में हुई मौत के बाद पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया है। जवान का शव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। शव के अंतिम दर्शन के लिए आसपास के गांवों से लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ लगी रही।
गांव हाथी करौदा निवासी बीएसएफ के 73 बटालियान के जवान सेठपाल (49) अमृतसर में तैनात थे। वह करीब एक सप्ताह से बीमार चल रहे थे। उनका उपचार अमृतसर में बीएसएफ अस्पताल में इलाज चल रहा था। शुक्रवार रात उपचार के दौरान उनका निधन हो गया था। जवान के निधन की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को सेठपाल का शव पहुंचते ही पत्नी मोनिका समेत सभी परिजन बिलख उठे। उनके अंतिम दर्शन के लिए गांव और आसपास क्षेत्र से आए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
सेठपाल की बटालियन के इंस्पेक्टर सत्यवान जवानों के साथ वाहन में शव को लेकर पैतृक गांव करौदा हाथी सुबह करीब पांच बजे पहुंचे। सलामी हेतु बटालियन लगभग साढ़े आठ बजे गांव पहुंची। शव के पहुंचते ही ग्रामीण गलियों में उमड़ पड़े। घर से शुरू हुई अंतिम यात्रा में हजारों लोगों की भीड़ शामिल रही। श्मशान घाट पर नोएडा से आए बीएसएफ के इंस्पेक्टर अतिषग्राम अली ने जवानों के साथ तीन राउंड गोलियां दागकर जवान को अंतिम सलामी दी। इस दौरान एसडीएम संदीप कुमार, सीओ थानाभवन राजेश कुमार तिवारी, थानाध्यक्ष बाबरी नेमचंद सिंह आदि ने जवान के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। श्मशान घाट पर उनके 12 वर्षीय इकलौते पुत्र प्रिंस ने मुखाग्नि दी। इस दौरान मौजूद लोगों की आंखें नम रही।
बड़े भाई भी बीएसएफ में तैनात
जवान सेठपाल चार भाइयों में सबसे छोटे थे। सबसे बड़े भाई रामबल भारतीय सेना में तैनात हैं। दूसरे भाई कृष्णपाल एयर इंडिया में हैं जबकि तीसरे भाई बाबूराम बीएसएफ में दिल्ली में तैनात है।