मेरी आवाज सुनो...जलालाबाद में बैठा बंदरों का झुंड।संवाद
जलालाबाद। कस्बे में बंदरों का आतंक घर के आंगन से लेकर बाजार और खेतों तक में है। आए दिन बंदर लोगों पर हमला कर रहे हैं। कई बार उनसे बचने के प्रयास में लोग घायल हो रहे हैं। बंदरों के झुंड खासतौर पर महिलाओं और बच्चों को अपना निशाना बना रहे हैं। लोगों का कहना है कि सुबह होते ही बंदरों के झुंड कस्बे में पहुंच जाते हैं और घरों की छतों व गलियों में उत्पात मचाने लगते हैं। बंदर घरों में रखी खाने-पीने की चीजों को उठा ले जाते हैं और कई बार कीमती सामान भी नुकसान पहुंचा देते हैं। जब लोग उन्हें भगाने की कोशिश करते हैं तो बंदर हमला कर देते हैं। लोगों की शिकायतों के बाद भी इनको नहीं पकड़ा जा रहा है।
बोले लोग
कस्बे की गृहिणी बबली सैनी ने बताया कि वह छत पर कपड़े सुखा रही थीं, तभी पीछे से एक बंदर ने उन पर झपट्टा मार दिया, जिससे वह घायल हो गईं। बाद में उन्हें अस्पताल जाकर टीका लगवाना पड़ा।
रविंद्र सैनी का कहना है कि कस्बे में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रशासन को जल्द से जल्द बंदरों को पकड़ने की व्यवस्था करानी चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
रेखा शर्मा का कहना है कि घर से लेकर खेतों तक में बंदर आतंक मचाए हुए है। भगाने की कोशिश करों तो हमला कर देते है। अब यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
नगर पंचायत और नगर पालिकाओं को बंदर पकड़वाने को कहा गया है। फिर से निर्देश दिए जाएंगे। प्रयास रहेगा कि लोगों को परेशानी नहीं होने दी जाए। -अरविंद कुमार चौहान, जिलाधिकारी