बाबरी थाने में पुलिस को ठगी के संबंध में जानकारी देते कैड़ी गांव के ग्रामीण।
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बाबरी (शामली)। समूह बनाकर दस-दस लाख रुपये का लोन देने का झांसा देकर ठगों ने गांव कैड़ी की महिलाओं से तीन लाख रुपये से ज्यादा की ठगी कर ली। 15 दिन बीतने के बाद भी जब महिलाओं को धनराशि नहीं मिली तो उन्होंने संबंधित लोगों की तलाश शुरू की। शामली में बताया गया ऑफिस भी बंद मिलने पर मामले की सूचना पुलिस को दी गई है।
कुछ दिनों पूर्व गांव कैड़ी में कुछ लोग पहुंचे थे तथा उन्होंने खुद को शिव ग्रुप का कर्मचारी बताते हुए महिलाओं के समूह बनाने की बात कही थी। 10-15 महिलाओं के समूह बनाकर प्रति महिला एक लाख रुपये का ऋण दिया जाएगा। इसकी अदायगी मासिक किश्तों के आधार पर करनी होगी। समूह की महिलाएं अपना रोजगार कर रुपया वापस कर सकती हैं। महिलाओं ने बताया कि ग्रुप का कार्यालय शामली में सिंभालका रोड पर खोला गया था तथा मुख्य कार्यालय मेरठ के कंकरखेड़ा में नंगला तासी गांव में बताया गया था।
मेरठ के रोहटा रोड के गांव डूंगर निवासी नितिन और करनावल निवासी राहुल गांव में आए थे। उन्होंने 10 से 15 महिलाओं के दस समूह बनाए तथा प्रत्येक महिला से 3600 रुपये जमा कराए। ज्यादातर महिलाओं ने रुपये जमा कर दिए। इस तरह तीन लाख रुपये से ज्यादा जमा हुए। समूह बनाने वाले कर्मचारियों ने एक सप्ताह में लोन की राशि खाते में भेजने की बात कही थी, लेकिन 15 दिन बीतने के बावजूद खातों में रुपये नहीं आए।
महिलाएं और उनके परिजनों ने शामली में बताए गए कार्यालय पर पहुंचकर जानकारी, लेकिन वह बंद मिला। कुछ लोग मेरठ भी गए, लेकिन वहां भी कुछ नहीं मिला। बुधवार को महिलाओं के परिजनों मोहम्मद अहसान, रमेश, राजीव, इरफान, इसरायल, मारूफ, रहीसू, विष्णु राणा, नईम, अरविंद शर्मा आदि ने थाने पहुंच कर तहरीर देते हुए कार्रवाई की मांग की। थानाध्यक्ष नेमचंद सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।