शामली में पानीपत-खटीमा फोरलेन निर्माण शुरू होने में अभी कई साल लग सकते हैं। दिसंबर माह के आखिर तक इस मार्ग की 268 करोड़ रुपये की डीपीआर बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है। डीपीआर आने के बाद अगले साल अनुमानित एस्टीमेट बनाकर उत्तर प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा।
58 किमी लंबाई वाले पानीपत-खटीमा मार्ग को फोरलेन की स्वीकृति एक साल पूर्व मिल चुकी है। विश्व बैंक के अफसरों द्वारा इस मार्ग की डीपीआर तैयार कराने के लिए होमवर्क किया जा रहा है। अगले महीने तक डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार होने की उम्मीद है। डीपीआर में इस मार्ग की जद में आने वाले मकान, दुकानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, कृषि भूमि, पेड़ों, नर्सरी, 24 घंटे में निकलने वाले भारी, हल्के वाहनों की संख्या की गणना और मौजूदा रूप में मार्ग की लंबाई-चौड़ाई शामिल होगी।
उत्तर प्रदेश सरकार से नामित विश्व बैंक के जीएम अरुण कुमार ने बताया कि पानीपत- खटीमा मार्ग को फोरेलेन के रूप मे तैयार करने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैैयार की जा रही है। दिसंबर के अंत इस मार्ग की 268 करोड़ रुपये की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार होने की संभावना है। डीपीआर आने के बाद अगले साल प्रोजेक्ट एस्टीमेट तैयार कराया जाएगा। जिसको उत्तर प्रदेश शासन को भेजा जाएगा।
केंद्र, प्रदेश सरकार से पेड़ों को काटने की अनुमति के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। मुजफ्फरनगर-शामली जिलों के लोक निर्माण विभाग से फोरलेन के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई कराई जाएगी। किसानों का मुआवजा निर्धारण होने के बाद फोरलेन की जद में आने वाली सभी कठिनाईयों को दूर किया जाएगा।