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पूर्व विधायक समेत चार लोगों ने लगाए मकान बेचने के बोर्ड

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शामली में पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल के आवास पर लगा पलायन का बोर्ड। - फोटो : SHAMLI
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- जाम से आहत होकर किया पूर्व विधायक सहित चार लोगों ने लगाए मकान बेचने के बोर्ड
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शामली। गन्ना लदे वाहनों से शहर में जाम की समस्या से आहत होकर नगरपालिका चेयरपर्सन के पति एवं पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल सहित चार लोगों ने मकान बेचने का बोर्ड लगा दिया। विधायक ने कहा कि जाम से सब परेशान हैं, मगर कोई सुनने वाला ही नहीं तो तो क्या करें।
पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल ने बुधवार रात को गन्ने के जाम को लेकर दूसरी जगह शिफ्ट होने की बात कही थी। बृहस्पतिवार सुबह उन्होंने अस्पताल रोड स्थित अपने आवास पर मकान बेचने संबंधी बोर्ड लगा दिया। साथ ही बराबर में रहने वाले उनके भाई विनय बंसल, भतीजे चरत बंसल और निकट ही कपड़ा व्यापारी सतीशचंद जैन ने भी शोरूम पर इसी तरह के बोर्ड लगा दिए। आवास पर पत्रकारों से बातचीत में पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल ने कहा कि गन्ने के जाम से वह अकेले ही परेशान नहीं है, पूरा शहर परेशान रहते है। जाम के कारण वे और उनका परिवार अपने घर पर आ-जा नहीं सकते तो मकान बेचकर दूसरी जगह शिफ्ट होना मजबूरी बन गया है। सेवानिवृत्त आईजी विजय गर्ग, सलेकचंद, सतीशचंद जैन, राजीव मलिक, रोबिन गर्ग, महेश गोयल, ओमपाल सिंह आदि ने भी समस्या के समाधान की मांग की।
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मुझे हार्ट अटैक आया, कार निकालने को नहीं था रास्ता
कपड़ा व्यापारी सतीशचंद जैन का अस्पताल रोड पर ही कपड़ों का शोरूम है। ऊपर की मंजिल पर उनका परिवार रहता है। उन्होंने बताया कि गत चार मार्च की शाम उन्हें हार्ट अटैक आया, लेकिन घर के बाहर गन्ने के वाहनों से जाम लगा था। कार निकालने को भी रास्ता नहीं था। काफी देर तक जाम के कारण घर में ही फंसे रहे। बाद में किसानों को पीड़ा बताई तब जाकर वाहनों को किसी तरह आगे-पीछे कर रास्ता बनाया। इसके बाद वे डाक्टर के यहां पहुंचे थे।
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----- पूर्व विधायक का दावा, जाम के समाधान को ये किए प्रयास
- गन्ने के जाम की समस्या को समय-समय पर अधिकारियों की बैठक में उठाया
- पिछले साल मिल में अधिकारियों के आवास पर पहुंचकर विरोध जताया।
- सात मार्च को मिल के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर को पत्र लिखा। प्रतिलिपि गन्ना मंत्री सुरेश राणा, डीएम, कमिश्नर और डीसीओ को भेजी।
----- पूर्व विधायक की राजनीतिक पृष्ठभूमि
1988 से 92 तक नगरपालिका शामली के चेयरमैन रहे।
2000 से 2011 तक फिर लगातार दो बार पालिका चेयरमैन रहे।
1989 में कैराना सीट से निर्दलीय विधायक निर्वाचित हुए।
2017 से पत्नी अंजना बंसल पालिका चेयरपर्सन हैं।
कोट
बारिश होने पर खेत में गन्ने की कटाई और छिलाई नहीं हो पाती, जिस कारण इंडेंट इकट्ठा हो जाता है। गन्ने का इंडेंट चार दिन पहले जारी कर दिया जाता है। उस समय मौसम के बारे में जानकारी नहीं होती। गन्ना लदे वाहनों के कारण जाम न लगे, इसके लिए मिल प्रबंधन अपने स्तर से पूरी कोशिश करता है। - आरबी खोखर, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर शुगर मिल।
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