फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फोरेंसिक लैब भेजे जाएंगे वन्य जीवों के अवशेष

विज्ञापन
शामली कोतवाली में आरोपी चिकित्सक के खिलाफ तहरीर लिखते वन विभाग के कर्मचारी। - फोटो : SHAMLI
विज्ञापन
फोरेंसिक लैब भेजे जाएंगे वन्य जीवों के अवशेष
विज्ञापन

शामली। शहर के एक आयुर्वेद दवा की दुकान पर छापा में पकड़े गए वन्य जीवों के अवशेषों का शक्तिवर्धक दवाइयों में उपयोग करने की संभावना जताई गई है। वन्य जीवों के अंगों के मिलने का शामली में यह संभवत: यह पहला मामला है इसलिए चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। आरोपी के पकड़े जाने के बाद कुछ लोग थाने भी पहुंच गए। वन विभाग मिले वन्य जीवों के अवशेषों की फोरेंसिक लैब भेजकर जांच कराएगा।
विज्ञापन

दिल्ली की संस्था के प्रतिनिधि दीपक कुमार, कल्पना एवं अजय कुमार की सूचना पर वन रेंजर धर्मदत्त शर्मा ने पुलिस टीम के साथ गांधी चौक पर स्थित आयुर्वेदिक दवा की दुकान पर छापा मारा, तो वहां भारी भीड़ जमा हो गई। आसपास के लोगों की समझ में नहीं आया कि यह हो क्या रहा है। इस टीम ने आरोपी निशांत गुप्ता के घर पर छापा मारा, लेकिन वहां कुछ नहीं मिला। वन रेंजर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता लगा है कि वन्य जीवों के अवशेषों का इस्तेमाल शक्तिवर्धक दवाइयां बनाने में किया जाता था। बरामद हुए वन्य जीवों के अवशेषों को जांच के लिए आगरा या बंगलूरू की फोरेंसिक लैब को भेजा जाएगा। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ वन दरोगा आदित्य शर्मा की ओर से रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। आरोपी ने सफाई दी है कि उसके दादा भी हकीम का काम करते थे। उनके पास से बरामद वन्य जीवों के अंग उनके समय के ही रखे हुए थे। वन अधिकारियों का कहना है कि आरोपी बरामद चीजों से संबंधित कोई बिल या अन्य दस्तावेज नहीं दिखा सका है। उधर, आरोपी के पकड़े जाने के बाद कई लोग थाने पहुंच गए। डीएफओ संजीव कुमार ने बताया कि सूचना के आधार पर की गई छापामारी में प्रतिबंधित वन्य जीवों के अवशेष बरामद हुए हैं। मामले में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें