थानाभवन/कैराना। तीन दिन की छुट्टी के बाद बैंक शाखाएं खुलीं, तो सुबह से ही भारी भीड़ कैश लेने को उमड़ पड़ी। दो से चार हजार रुपये ही मिलने के कारण बार-बार हंगामे होते रहे। वहीं, नगर में लगे पांचों बैंक एटीएम मंगलवार को भी शोपीस बने रहे। बाजारों से चहल पहल गायब रही और दुकानदारों में मायूसी छाई रही।
मंगलवार को एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक, ओरियंटल बैंक, यूनियन बैंक, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक, कोआपरेटिव बैंक आदि के सामने प्रात: से ही ग्राहकों की लंबी कतारें में लग गई। सभी बैंकों के सामने महिलाओं की भी बड़ी संख्या में लाइनें लगी थीं। लेकिन बैंकों से ग्राहकों तीन दिन बाद भी मात्र दो से चार हजार का भुगतान ही मिला। जिसे लेकर बैंकों के बाहर परेशान ग्राहकों का हंगामा होता रहा।
कैश न आने की बात कह रहे बैंककर्मी ग्राहकों को थोड़ा थोड़ा देकर संतुष्ट करते हुए लोगों को शांत करते दिखे। नगर में आठ बैंकों की शाखाएं हैं, जिनमें कुल पांच बैंकों द्वारा ग्राहकों को एटीएम की सुविधा प्रदान कर रखी हैं। दुख तो यह है कि गत डेढ माह से ये एटीएम भी शो पीस बने है। उधर, कैराना कस्बे के बैंकों के बाहर सुबह से ही लाइनें लगी थीं।
केनरा बैंक में सुबह से ही कैश नहीं होने के कारण ग्राहकों को निराशा हाथ लगी, जबकि पीएनबी शाखा में उपभोक्ताओं को उनके खाते से 6 हजार रुपये निकालने की सुविधा दी गई। शाम को कोआपरेटिव बैंक में ग्राहकों की लाइन में आगे निकलने के लिए धक्का मुक्की हो गई। जिस कारण बैंक की खिड़की का शीशा टूट गया। नोटबंदी के 35 दिन बीत जाने के बाद भी कस्बे के पांचों एटीएम मात्र शोपीस ही बने हुए है।
उधर, ऊन तीन दिन की छुट्टी के बाद बैंकों के खुलते ही लोगों की भारी भीड़ कैश लेने के लिए पहुंच गई। सुबह होते ही लोगों ने बैंक पर पहुंचना चालू कर दिया, लेकिन कस्बे के बैंकों में कैश देरी से पहुंचने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जबकि कॉपरेटिव बैंक में कैश ना आने की वजह से किसानों को वापस लौटना पड़ा।
तीन दिन से बैंकों की छुट्टी चल रही थी, मंगलवार को कस्बा ऊन में स्थित पीएनबी, एसबीआई और इलाहाबाद बैंक पर सुबह होते ही लोगों की लंबी लाईन लग गईं। इलाहाबाद बैंक पर दो बजे तक भी कैश नहीं आया। बाद में कैश आने के बाद बैंक के बाहर लोगों में आपाधापी होने लगी। बैंक पर तैनात पुलिस बल भी व्यवस्था बनाने में नाकाम साबित रहा और लोगों में एक दूसरे से पहले कैश लेने की होड़ लगी रही। वहीं, कस्बे के कॉपरेटिव बैंक पर भी यही हाल रहा सुबह से लाईन में लगे किसान दोपहर तक लाईन में खड़े रहे।