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कोहरे और हवा से बढ़ी ठंड, ठिठुरे लोग

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बृहस्पतिवार सुबह घने कोहरे में शामली बुढ़ाना रोड से लाइट जलाकर गुजरते वाहन। - फोटो : SHAMLI
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शामली। कोहरा बढ़ते ही ठंड भी बढ़ गई है, जिस कारण लोगों की कंपकंपी छूट रही है। बृहस्पतिवार सुबह लोग जब सोकर उठे तो चारों तरफ कोहरे की चादर फैली थी। कोहरे के कारण सड़कों पर वाहनों की लाइटें जली थीं और रफ्तार बेहद कम थी। बच्चे भी स्कूल ठंड में कंपाते हुए पहुंचे।
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सुबह छह बजे ही आसपास घना कोहरा था। सामने का कुछ भी नजर नहीं आ रहा था। सड़क पर दौड़ रहे वाहनों की लाइट जली थी इसी से अनुमान लग रहा था कि कोई सामने से कोई वाहन आ रहा था। कोहरे की वजह से वाहन बेहद धीमी गति से चल रहे थे। लिहाजा लोगों को सफर पूरा करने में भी दुगना वक्त लगा। शहर में कई स्कूलों का समय अभी भी साढ़े आठ से पहले है। ऐसे में इन स्कूलों के बच्चे कोहरे और बर्फीली हवा में ठिठुरते हुए स्कूल जा रहे थे। वहीं, घने कोहरे के बीच सुबह कैराना रोड, वीवी इंटर कालेज रोड पर कई गन्ने की बुग्गियां भी शुगर मिल में जा रही थी कोहरा अधिक होने की वजह से ये नजर भी नहीं आ रही थी। जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी।
इतनी ठंड में भी सात बजे निकलना पड़ता है
कोहरा और ठंड शुरू हो गई है। न्यूनतम पारा आठ डिग्री तक पहुंच गया है, लेकिन इसके बाद भी शहर के कई स्कूलों का समय अभी भी आठ से साढ़े आठ बजे है। कुछ स्कूलों में तो आठ बजे से पहले का ही पहुंचना होता है जाहिर है कि इसके लिए बच्चे को सुबह सात बजे ही घर से निकल जाते है ऐसे में इन बच्चों के बीमार होने का भी खतरा होता है। ऐसे में इन स्कूलों को बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीरता से सोचना होगा। कुछ अभिभावकों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि स्कूलों का समय कम से कम नौ बजे से होना चाहिए। नौ से दो बजे तक का समय उचित रहेगा।
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मफलर और दस्तानों में भी नहीं रुकी ठंड
बुढ़ाना रोड पर एक ई रिक्शा में बैठे सरस्वती शिशु मंदिर के छोटे बच्चे कैप और मफलर पहने थे, लेकिन ई-रिक्शा में बैठे हुए भी कंपकंपा रहे थे। दो तीन बच्चे तो हाथ में दस्ताने भी पहने थे, मगर उनको तभी ठंड लग रही थी। कैराना रोड पर एक ई रिक्शा में बैठे जा रहे सेंट फ्रांसिस स्कूल के एक छात्र ने सिर पर कैप ओढा था लेकिन उसकी ठंड नहीं रुक रही थी। कंपकंपी छूट रही थी। अपनी बगल में दोनों हाथ दबाए हुए ठंड के कारण उसकी आंखों से भी पानी आ रहा था। वहीं, एमएसके रोड पर कंपकंपाती हुई कई छात्राएं स्कूल जा रही थी। कुछ ने शॉल भी ओढ़ा थी लेकिन हाथ कंपकंपा रहे थे। छात्राओं ने बताया कि बोर्ड एग्जाम की तैयारी चल रही है। ऐसे में कालेज जाना भी जरूरी है।
कोट
ठंड अभी शुरू हुई है। मौसम के अनुसार स्कूल अपना समय परिवर्तन करते हैं। यदि ऐसा लगा कि कहीं समय बढ़ाने की जरूरत है, तो स्कूल अपने स्तर से समय बढ़ा सकते हैं। बच्चों के स्वास्थ्य को भी स्कूलों को ध्यान में रखना चाहिए। - अखिलेश सिंह, डीएम शामली

कोहरे में ठिठुरती स्कूल जातीं छात्राएं।- फोटो : SHAMLI

घने कोहरे में शामली में बुढ़ाना रोड पर धीमी गति से गुजरते वाहन।- फोटो : SHAMLI

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