बताया गया कि मंगलवार सुबह यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान 231.5 मीटर को पार करते हुए 232 मीटर पर बह रहा है। यमुना में आई बाढ़ के कारण सहपत गांव के पास तटबंध का करीब 40 मीटर हिस्सा बाढ़ के पानी में बह गया, जिस कारण यमुना का पानी सहपत गांव के नजदीक फसलों में भर गया।
सूचना पर एसडीएम निकिता शर्मा, तहसीलदार गौरव सागवान और ड्रेनेज विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे व जेसीबी पोकलेन मंगा कर तटबंध की मरम्मत का कार्य शुरू कराया।
बाद में डीएम रविंद्र सिंह और एडीएम संतोष कुमार यादव ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उधर, बाढ़ का पानी हरियाणा के सनौली स्थित गौशाला में चला गया। बाढ़ के पानी के कारण गौशाला की सैकड़ों गाय पानी में डूब गई। ग्रामीण गोवंश को बचाने के लिए अथक प्रयास में लगे हुए हैं।
वहीं, आने वाली संभावित बाढ़ को देखते हुए पुलिस ने यमुना किनारे कांवड़ मेले के लिए लगाई गई दुकानों को हटवा दिया ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
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