मंडलायुक्त चंद्र प्रकाश त्रिपाठी ने कलक्ट्रेट का निरीक्षण कर कहा कि फिरोजाबाद और ललितपुर की तर्ज में गोशालाओं का माडल तैयार होगा। जिसमें आवारा पशुओं के लिए गोशाला की नगर पंचायत, जिला पंचायत और पशु पालन की गोशालाओं का निर्माण किया जाएगा। सभी का लेखाजोखा जिला पंचायत द्वारा रखा जाएगा।
शनिवार को मंडलायुक्त चंद्र प्रकाश त्रिपाठी ने कलक्ट्रेट में मौजूद कर्मचारियों के अलग-अलग पटल पर पहुंचकर विभागों के रिकॉर्ड की जांच की। सबसे पहले डीएलआरसी और सीआरए पर तैनात बाबू के रिकॉर्ड को देखा। कहा कि 25 बड़े बकायेदारों की सूची बनाई गई या नहीं। डीएम अखिलेश सिंह ने कहा कि सभी 25 बड़े बकायेदारों की सूची तहसील के मुख्य द्वार पर अंकित कर करा दी गई है। सभी तहसीलों में 25 बड़े बकायेदारों की सूची अंकित कराई गई है। बकायेदारों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। खनन की फाइलें भी देखीं। जिसमें संबंधित लिपिक बताया कि जनपद में दो खनन पट्टा निरस्त कर दिए गए हैं। दो नए खनन पट्टों की टेंडर प्रक्रिया चल रही है। मंडलायुक्त ने पत्थर ईट रेट लिस्ट तलब की। जनपद में चारागाह की भूमि को चिह्नित कर खाली करने के निर्देश दिए। जिस पर डीएम ने बताया कि जनपद में लगभग 600 एकड़ भूमि चारागाह की चिह्नित कर ली गई है। जिन पर समिति बनाकर तीन श्रेणी में पशुओं को रखा जाएगा।
इस दौरान देवी आपदा के लिपिक कि 15 लाख की डिमांड मांगी गई थी। शासन को डिमांड भेज दी गई है। आइजीआरएस से संबंधित मामलों को समय से निस्तारित करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने शत्रु संपत्ति की वेतन बिल भुगतान पेंशन आदि से संबंधित पटल पर तैनात लिपिक के कार्य को देखा। निकाय में आने वाले 14 वित्त के फंड की जानकारी ली। समिति द्वारा खर्च किए गए रिकवरी के बजट को दिखाने के लिए कहा। एसडीएम को निर्देश दिया कि नगर निकाय द्वारा एकत्रित किए जाने वाले कूड़े का निस्तारण किया जाए। असलहा ऑफिस में पहुंचकर संबधित लिपिक से लाइसेेेंसी असलहों की जानकारी मांगी। उन्होंने शामली कांधला गढ़ीपुख्ता थानों का रिकॉर्ड चेक किया। मृतक आश्रितों की फाइलों को भी चेक किया। बाद में गोशाला भवन शामली का निरीक्षण किया। इस दौरान एडीएम केबी सिंह, कैराना एसडीएम अमितपाल शर्मा, एसडीएम केपी तोमर, तहसीलदार अभयराज पांडे, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
डीएम ने राजस्व परिषद के सचिव से मिलाया फोन, मांगा अवशेष बजट
डीएम अखिलेश सिंह ने शनिवार को निर्माणाधीन कलक्ट्रेट का निरीक्षण किया। इसके बजट के संबंध में फोन पर राजस्व परिषद सचिव से वार्ता की और धनराशि जारी करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी एक्सईएन, प्रशासनिक अधिकारी की मौजूदगी में एक समिति का गठन किया जाए। निर्देश दिए कि पैसा आते ही जल्द ही कार्य शुरू किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो भी पैसा आएगा उससे प्रमुख ब्लॉकों का कार्य सबसे पहले कराया जाएगा। डीएम ने निर्माणाधीन आवास का निरीक्षण किया। उन्होंने सिंचाई विभाग के अफसरों को नहर की पटरी की सड़क का निर्माण तेजी से कराए जाने, फरवरी तक सड़क कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुल को सड़क को कैसे जोड़ा जाए, ताकि वाहन का आवागमन हो सके। इस दौरान सीडीओ विवेक त्रिपाठी, एडीएम केबी सिंह, परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, डीआरडीए दिनेश सिंघल संबधित अधिकारी मौजूद रहे।