शामली। विकासखंड कैराना की 16 ग्राम पंचायतों में बिना टेंडर और कुटेशन के कार्य कराने के मामले में दूसरा नाेटिस जारी होने के बाद भी यदि ग्राम सचिवों ने जवाब नहीं दिया तो उन पर एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। डीएम ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
चार साल पहले कोरोना काल के दौरान विकासखंड कैराना की 16 ग्राम पंचायतों में 94 विकास कार्य कराए गए थे। सभी विकास कार्याें में टेंडर व कुटेशन प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। मामले की जांच उत्तर प्रदेश पंचायती राज विभाग द्वारा कराई गई तो विकासखंड कैराना व कांधला में 204 कार्यों के लिए मैसर्स उषा कंस्ट्रक्शन कंपनी को करीब चार करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया था। इस पर 21 ग्राम सचिवों को एक सप्ताह पूर्व ही नोटिस दिया गया था। एक भी ग्राम सचिव ने नोटिस का जवाब नहीं दिया, जिस पर डीपीआरओ संदीप अग्रवाल ने सभी 21 ग्राम सचिवों को दूसरा नोटिस जारी किया था। मगर दूसरे दिन भी ग्राम सचिव ने नोटिस का जवाब नहीं दिया।
-शौचालय प्रकरण में नोटिस जारी करने के दिए निर्देश
जिलाधिकारी रविंद्र सिंह ने डीपीआरओ से व्यक्तिगत शौचालय आदि की समीक्षा करते हुए 15वां वित्त और 5वां वित्त में जिन गांवों में 40% से कम धनराशि खर्च हुई है, उनसे संबंधित पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगे जाने के निर्देश दिए। साथ ही संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त न होने की दशा में कार्यवाही के भी निर्देश दिए।