शामली। जिले में बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। अस्पतालों में बुखार, नजला व खांसी के मरीज ज्यादा पहुंच रहे हैं। उधर, 20 दिवसीय दस्तक अभियान में भी सबसे ज्यादा 309 बुखार और नजला-खांसी के 95 मरीज मिले हैं। इसके अलावा 25 कुपोषित बच्चे मिले हैं, जिनमें दो बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया।
जिले में पिछले महीने 11 अक्तूबर से 31 अक्तूबर तक 20 दिवसीय दस्तक अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान आशाओं ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ घर-घर जाकर मरीजों की तलाश की। जिले में 358800 घरों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें स्वास्थ्य टीमों ने 358798 घरों पर दस्तक देकर रोगियों के बारे में जानकारी जुटाई। जिले में कुल 926 आशाओं में 898 आशाओं ने अभियान में काम किया।
जिला मलेरिया अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि दस्तक अभियान में सबसे ज्यादा बुखार के 309 मरीज मिले हैं, जबकि नजला, खांसी के 95 मरीज मिले। इसके अलावा क्षय रोगी 13 और कुपोषित बच्चे 25 मिले हैं। इनमें दो बच्चों के अतिकुपोषित मिलने पर उन्हें जिला अस्पताल में चल रहे पोषण पुनर्वास केंद्र में भेजा गया। इसके साथ ही 375 से ज्यादा घरों में नमी मिलने से मच्छर प्रजनन की स्थिति पाई गई। इन घरों में एंटी लार्वा कीटनाशक का छिड़काव कराते हुए लोगों को बीमारियों से बचाव करने की सलाह दी।
उधर, जिला अस्पताल में भी शनिवार को लगभग 1250 मरीज आए। इनमें 400 मरीज बुखार, नजला व खांसी के आ रहे हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण वायरल बुखार, नजला व खांसी के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। सभी मरीजों को दवा देकर उपचार किया जा रहा है।