शामली। कस्बा गढ़ीपुख्ता निवासी बुखार से पीड़ित साढ़े तीन साल के बालक की मेरठ ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। बालक में दिमागी बुखार जैसे लक्षण दिखाई देने पर मेरठ मेडिकल रेफर किया गया था। बालक की मौत होने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। कस्बा गढ़ीपुख्ता में सीएमओ के नेतृत्व में पहुंची स्वास्थ्य टीम ने करीब 100 घरों का सर्वे कर जांच की, जिसमें दो बच्चे सामान्य बुखार से पीड़ित मिले। सीएमओ का कहना है कि बालक की मौत दिमागी बुखार से नहीं होना पाया गया।
कस्बा गढ़ीपुख्ता निवासी रैदासपुुरी निवास अनीस का साढ़े तीन वर्षीय बालक रिहान को लेकर परिजन शुक्रवार दोपहर सीएचसी शामली पहुंचे थे। सीएचसी में चिकित्सकों ने बालक में दिमागी बुखार जैसे लक्षण दिखाई देने पर उसे प्राथमिक उपचार देकर एएलएस एंबुलेंस से मेरठ मेडिकल रेफर कर दिया था। मेरठ ले जाते समय पीड़ित बालक ने रास्ते में दम तोड़ दिया था।
बालक की मौत होने पर परिजन शव को घर ले गए और उसे दफना दिया। बालक की मौत की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सीएमओ डाक्टर संजय भटनागर के नेतृत्व में ऊन चिकित्सा प्रभारी डा. लेखराम और जिला मलेरिया अधिकारी डाक्टर विनय कुमार स्वास्थ्य टीम के साथ बालक के घर पहुंचे और जानकारी ली। सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य टीम ने रैदासपुरी मोहल्ले में करीब 100 घरों में लगभग 250 बच्चों की जांच की। सीएमओ के मुताबिक जांच में दो बच्चे सामान्य बुखार से पीड़ित मिले। इनके अलावा कोई मरीज गंभीर बुखार या अन्य किसी बीमारी से पीड़ित नहीं पाया गया। उन्होंने बताया कि मोहल्ले में कैंप लगाकर दवा का वितरण भी किया गया। सीएमओ का कहना है कि जांच में दिमागी बुखार जैसा कोई मामला सामने नहीं आया है।
सांस की नली में उल्टी जाने से बालक की मौत होने की संभावना
शामली। सीएमओ डाक्टर संजय भटनागर ने बताया कि उन्होंने मृतक बालक के पिता अनीस से जानकारी ली। उसने बताया कि शुक्रवार सुबह बालक ठीक था। अचानक उसकी आंख चढ़ गई थी। पहले उसे कस्बे में एक डाक्टर को दिखाया। वहां से शामली निजी चिकित्सक के यहां ले गए थे। उस समय तक बुखार नहीं था।
इसी बीच उसे दौरा पड़ा और उल्टी लगी, जिससे उसके हाथ पैर ठंडे हो गए थे। निजी चिकित्सक ने उसे बाहर ले जाने की सलाह दी। इसके बाद उन्हें सीएचसी ले जाया गया। सीएचसी पहुंचने पर जांच करने पर उसे बुखार पाया गया। सीएमओ का कहना है कि दौरा पड़ने के बाद रिएक्टिव बुखार हो जाता है। सीएमओ के मुताबिक परिजनों ने बताया कि रास्ते में उसे उल्टी हुई थी। इस दौरान सांस की नली में उल्टी चले जाने से बालक की मौत हो सकती है। सीएमओ का कहना है कि इस मामले में बालक के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है और न ही परिजनों ने कोई शिकायत की है। जिस बालक की मौत हुई है, उसे टीकाकरण भी हो चुका था।
कस्बे में सफाई व्यवस्था के लिए चेयरमैन से बात की
शामली। सीएमओ के मुताबिक मृत बालक रिहान के घर पर साफ-सफाई की स्थिति ठीक मिली। वहीं पर नगर पंचायत चेयरमैन अली हसन से बात की गई। चेयरमैन से कस्बे की साफ-सफाई और अच्छी कराने और ब्लीचिंग पाउडर डलवाने को कहा गया, क्योंकि गंदगी होने पर बीमारी होने का खतरा रहता है। नगर पंचायत चेयरमैन को नागरिकों को क्लोरीनयुक्त पानी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
एक परिवार कर रहा टीकाकरण का विरोध
शामली। सीएमओ डाक्टर संजय भटनागर ने बताया कि जांच के दौरान मोहल्ले में एक परिवार ऐसा मिला है, जो बच्चों में टीकाकरण नहीं करा रहा है। इस परिवार ने बच्चों को पोलियो की दवा पिलवाई है, लेकिन टीके लगवाने का विरोध कर रहा है। इसके लिए नगर पंचायत चेयरमैन को इस परिवार से बात करने और समझाकर टीकाकरण कराने के लिए कहा गया है।
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बुखार होने पर ये बरते सावधानियां
तेज बुखार होने पर माथे पर सामान्य पानी की पट्टियां रखें।
पट्टियां रखने से बुखार सामान्य न हो तो तुरंत चिकित्सक को दिखाए।
बुखार होने पर खुले में या पंखा चलाकर हवा में रहे।
बुखार होने पर चादर या अन्य कोई कपड़ा न ओढ़ाएं।
बुखार के मरीज को आराम करने दे।