बिडौली खनन पॉइंट से दूर खनन करके माफियाओं द्वारा रात में मशीनों से हुए खनन को दिखाते किसान
झिंझाना में बिडौली खनन क्षेत्र से करीब एक किमी हटकर खनन माफियाओं ने रात में तीन पोकलेन मशीन चलाकर यमुना की धार मोड़ दी। जिस वजह से यमुना के पानी से किसानों की तरबूज आदि की फसलें डूब गई। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर किसानों ने पलायन की चेतावनी दे दी है।
बिडौली और शीतल गढ़ी के किसानों ने बताया कि शनिवार रात तीन पोकलेन मशीनों से कुछ खनन माफियाओं ने यमुना की धार को मोड़ दिया है।
किसानों का आरोप है मशीनों से करीब 15 फुट गहराई तक खोराई कर करीब एक किलोमीटर लंबी रेत की बाढ़ लगाकर से यमुना धार मोड़ी गई है। जिससे कई किसानों के खेत में जिसमें तरबूज और खरबूजे की पलेज लगाई गई थी, पानी भरने की वजह से फसलें डूब गई हैं। फसलें डूबने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। यह नुकसान पहली बार ही नहीं हुआ है, प्रतिवर्ष होता है। किसानों ने जब इस अवैध खनन का विरोध किया तो ठेकेदारों ने दबंगई दिखानी शुरू कर दी।
ग्रामीणों का कहना है कि रविवार सुबह उन्होंने बिडौली पुलिस चौकी इंचार्ज को घटना की लिखित शिकायत दी, मगर शाम तक भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। बिडौली और शीतलगढ़ी के रामवीर सिंह, रामकुमार, ऋषिपाल सिंह, जॉनी, विनोद बलवान, जसविंदर, रामपाल, राकेश कुमार, शिवकुमार व सुशील निवासी गण शीतल गढ़ी आदि ने बताया कि यदि किसानों की इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बहुत जल्द इस गांव से पलायन कर चले जाएंगे। ऊन एसडीएम उद्भव त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार को इसकी जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गलत तरीके से खनन बिल्कुल नहीं करने दिया जाएगा।
बिडौली खनन पॉइंट से दूर खनन करके माफियाओं द्वारा रात में मशीनों से हुए खनन को दिखाते किसान