दाम बढ़ने से सरसों की तरफ बढ़ा किसानों का रुझान
शामली। सरसों के तेल के दाम 200 रुपये लीटर तक पहुंच गए हैं। बाजार में सरसों के भाव में भी उछाल आया है। इसके देखते हुए गन्ना बेल्ट में किसानों ने सरसों का रकबा बढ़ा दिया है। शामली और मुजफ्फरनगर में तो सरसों के रकबे में दोगुना तक की वृद्धि हुई है, सहारनपुर में 400 हेक्टेयर रकबा बढ़ा है।
इस साल सरसों और इसके तेल के दाम में बड़ी वृद्धि को देखते हुए किसान इस बार सरसों की बुवाई को तरजीह दे रहे हैं। इस बार जिले में सरसों का रकबा काफी ज्यादा बढ़ गया है। कृषि विभाग को जिले में 1749 हेक्टेयर का लक्ष्य मिला था, लेकिन किसानों ने 2500 हेक्टेयर भूमि में सरसों की बुवाई कर दी है। यह पिछले वर्षों से दोगुने से ज्यादा है। मौसम ठीकठाक रहा तो इस बार सरसों की फसल किसानों को मालामाल कर देगी।
इस वर्ष सरसों के दाम में काफी वृद्धि देखने को मिली। त्योहार के सीजन में दाम काफी बढ़ गए थे। बाजार में सरसों के रेट आठ हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए थे। इसके अलावा सरसों का तेल भी 200 रुपये के आसपास पहुंच गया था। जिसके चलते इस बार किसानों ने सरसों की फसल को तरजीह दी है।
हथछौया निवासी किसान शीशपाल का कहना है कि इस बार सरसों के दाम काफी ऊपर तक चले गए थे। जिसके चलते उन्होंने 13 बीघा भूमि में सरसों की फसल की बुवाई की है। दुल्लाखेड़ी निवासी किसान रविराज का कहना है कि इस वर्ष सरसों और इसके तेल काफी बढ़ गए थे। इस बार भी इसकी उम्मीद है। ऐसे में उन्होंने दस बीघा भूमि में सरसों की फसल की बुवाई की है। राझड़ निवासी किसान सतबीर का कहना है कि इस बार गांव बड़ी संख्या में किसानों ने सरसों की फसल की बुवाई की है। उन्होंने भी पांच बीघा भूमि में सरसों की फसल लगाई है। सरसों के दाम इस बार भी अच्छे मिलने की उम्मीद है।
कोट...
सरसों के भाव काफी बढ़ने से इस बार किसानों का रुझान सरसों की तरफ बढ़ा है। कृषि विभाग को 1749 हेक्टेयर का लक्ष्य मिला था। लेकिन जिले के किसान 2500 हेक्टेयर में बुवाई कर चुके हैं। - शिव कुमार केसरी, उप निदेशक कृषि।
बीते वर्षों में जनपद में सरसों की बुवाई
वर्ष रकबा हेक्टेयर
2015-16 - 1200
2016-17 - 1165
2017-18- 1180
2018-19 - 1068
2020-21- 1275
2021-22- 2500