शामली। किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं और किसानों ने बकाया 304.78 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य भुगतान, बिजली, रसोई गैस समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। लगभग ढाई घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद एडीएम सत्येंद्र सिंह को मुख्यमंत्री के नाम 10 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा और समस्याओं के समाधान की मांग की।
किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता व किसान सोमवार को सुबह करीब 11 बजे कलक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। कलक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य गेट पर प्रदर्शन करते हुए धरने पर बैठ गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर यूपी समेत बाहर के प्रदेशों के गेहूं खरीद रोक लगा दिए जाने से किसानों के सामने गेहूं बिक्री की समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने सरकार से किसानों के गेहूं खरीद के लिए अतिरिक्त केंद्र खोलने की मांग उठाई।
कहा कि जिलों की चीनी मिलों पर 304.78 करोड़ रुपये बकाया भुगतान है। बकाया गन्ना भुगतान न होने से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। नहरों व रजबहों में पानी न आने से फसलों की सिंचाई की समस्या बनी है। रसोई गैस सिलिंडर के लिए कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। उन्होंने बिजली व अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की। लगभग ढाई घंटे तक चले धरना प्रदर्शन के बाद एडीएम सत्येंद्र सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की। इसके बाद धरना समाप्त हुआ। इस अवसर पर संगठन के जिलाध्यक्ष ठाकुर लाखन सिंह, मंडल अध्यक्ष यशपाल सिह, लोकेश राणा, नरेश तोमर, युवा संगठन के जिलाध्यक्ष शहजाद पुंडीर, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा, दीपांशु वशिष्ठ आदि मौजूद रहे।
ज्ञापन में ये रही मांगे
ज्ञापन में बिजली के स्मार्ट मीटर न लगाए जाने, फुंके ह़ुए ट्रांसफार्मर 24 घंटे में बदलने, जिले की चीनी मिलों से बकाया गन्ना भुगतान दिलाने, फसलों की सिचाई के लिए नहरों और रजबहों में पानी छोड़े जाने, एजेसियों पर कालाबाजारी रोककर गैस की आपूर्ति सुनिश्ति करने, 32 गांवों में वन विभाग का दावा खत्म करने, ऊन ब्लाक के प्रदूषित पानी की जांच कराने, बच्चों की किताब और ड्रेस में निजी स्कूल संचालकों की मनमानी रोकने आदि मांगें की गई।
जिले में बकाया गन्ना भुगतान की स्थिति
चीनी मिल बकाया भुगतान
थानाभवन- 199.78 करोड़ रुपये
शामली - 29.14 करोड़ रुपये
ऊन - 75.86 करोड़ रुपये
कुल - 304.78 करोड़ रुपये
कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन करते किसान । संवाद