बिडौली (शामली)। हरियाणा-यूपी बॉर्डर पर करनाल-बिडौली पुल के पास पिछले तीन दिनों से किसानों की गेहूं से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां फंसी हुई हैं, जिससे किसान परेशानी का सामना कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के किसान अपनी गेहूं की फसल हरियाणा की अनाज मंडियों में बेचने के लिए जाते हैं। कई किसान पहले से ही हरियाणा के कमीशन एजेंटों (आढ़तियों) से अग्रिम पैसा लेकर जमीन लीज पर लेते हैं और फसल तैयार कर उसी मंडी में बेचकर कर्ज चुकाते हैं। अब गेहूं लेकर जा रहे किसानों को बॉर्डर पर रोक दिया गया है। करनाल निवासी शेर सिंह ने बताया कि उन्होंने यूपी में जमीन लीज पर लेकर गेहूं की फसल तैयार की थी, जिसे करनाल की मंडी में बेचना था, लेकिन पुलिस ने बॉर्डर पर ही रोक दिया, जिससे उनका ट्रैक्टर-ट्रॉली यूपी की ओर फंसा हुआ है।
यूपी के किसान इंतजार अली ने बताया कि उन्होंने हरियाणा के आढ़तियों से अग्रिम पैसा लिया हुआ है, जिसे चुकाने के लिए उन्हें अपनी फसल उसी मंडी में बेचनी जरूरी है। ऐसे में बॉर्डर पर रोक लगने से उनकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है।
हरियाणा के मंगलौर निवासी किसान ओमवीर ने भी बताया कि उनकी कुछ जमीन यूपी में है। वे अपनी ही जमीन से गेहूं काटकर घर ला रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें भी यह कहकर रोक दिया कि रास्ता सभी के लिए बंद है।
किसानों का कहना है कि भले ही यूपी में खरीद जारी है, लेकिन उनकी मजबूरी यह है कि उन्होंने हरियाणा के आढ़तियों से एडवांस लिया हुआ है। अगर वे यूपी में फसल बेचते हैं तो उन्हें ब्याज और कमीशन दोनों चुकाने पड़ेंगे, जिससे उन्हें दोहरी आर्थिक मार झेलनी पड़ेगी।
किसानों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने और बॉर्डर पर आवागमन सुचारु कराने की मांग की है, ताकि वे अपनी फसल समय पर बेच सकें और आर्थिक नुकसान से बच सकें।