टिड्डी दल के कजले में शामली में हमला करने की संभावना बनी रहेगी। उन्होंने किसानों से अपील है कि टिड्डी दल के हमले की दशा में सामूहिक रूप से अपने खेतों के चारों ओर धुआं करना, ढोल, डीजे, पटाखे या ट्रैक्टर का साइलेंसर उतारकर स्टार्ट रखते हुए ध्वनि उत्पन्न कर टिड्डी दल को खेतों पर बैठने से रोक सकते है।
टिड्डी दल रात में जहां बैठता है, वहां भारी क्षति पहुंचाता है। उस स्थान पर रात्रि में ही रसायनों का छिड़काव कर ही टिड्डी दल को खत्म किया जा सकता है। सभी कृषकों से अनुरोध है कि जिनके पास ट्रैक्टर चालित स्प्रेयर है, वह अपने स्प्रेयर को तैयार रखे।
टिड्डी दल के हमले की दशा में जिसकी सूचना कृषि, विकास भवन, तहसील विभाग के कर्मचारियों अथवा व्हाट्सएप के कृषक ग्रुप के माध्यम से प्रसारित की जाएगी। आप अपने स्पेयर लेकर हमले के स्थान पर छिड़काव हेतु स्व: प्रेरणा से पहुंचने का प्रयास करे।
सामूहिक प्रयासों के बिना टिड्डी दल को रोकना कठिन है। टिड्डी नियंत्रण हेतु प्रस्तावित रसायन मैलाथियान 50 प्रतिशत, ईसी 2.5 लीटर ,लेम्डासायहेलौथ्रिन 5 प्रतिशत, 01 लीटर, क्लोरोपाइरीफॉस 20 प्रतिशत, 1.5 लीटर इमेडाक्लोप्रिड, 17.8 प्रतिशत 300 मिली मीटर में से कोई एक रसायन 700-800 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें।