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साठी धान से मुनाफा कमा रहे जिले के किसान

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चौसाना में साठी धान की कटाई करते किसान - फोटो : SHAMLI
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साठी धान से मुनाफा कमा रहे जिले के किसान
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शामली। जिले के कैराना और बिड़ौली यमुना खादर क्षेत्र में किसानों द्वारा बोई गई साठी धान 1509 फसल किसान की पहली पसंद बनती जा रही है। किसान इस फसल को मई के बाद से लेकर अक्तूबर के महीने तक दो बार पैदाकर मुनाफे कमा रहे हैं।
गेहूं की अप्रैल और मई के प्रथम सप्ताह में कटाई और थ्रेसिंग के तुरंत बाद जिले के यमुना किनारे गांव के किसान साठी धान 1509 लगा देते हैं। दो माह से लेकर ढाई माह में साठी धान की फसल तैयार हो जाती है। 15 जुलाई के बाद फसल पककर तैयार हो जाती है। कटाई और थ्रेसिंग के बाद धान की फसल बिक्री के लिए आसपास की मंडियों में किसान लेकर जाते हैं। इस साल 15 जुलाई के बाद साठी धान की फसल पक कर तैयार हो गई थी। कटाई और थ्रेसिंग के बाद जिले के कैराना और बिड़ौली यमुना खादर क्षेत्र के किसान साठी धान की 1509 फसल लेकर हरियाणा की करनाल मंडी में बिक्री के लिए जा रहे हैं। पिछले 15 दिनों में साठी धान की फसल 50 प्रतिशत से ज्यादा कट चुकी है। करनाल मंडी में 1509 साठी धान की हलकी प्रजाति 1800-1900 रुपये प्रति क्विंटल और अच्छी फसल 2100 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक रही है। संवाद
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फिलहाल पंजीकरण की आवश्यकता नहीं
शामली। हरियाणा में धान ले जाने के लिए फिलहाल पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है। शुरुआती दौर में यमुना खादर के किसान 1509 धान की फसल को हरियाणा के करनाल मंडी में बिक्री के लिए ले जा रहे हैं। करनाल मंडी के आढ़ती बलजीत सिंह ने बताया कि धान की 1509 प्रजाति की पहली बोहड़ी 15 जुलाई को आई थी। अब तक वह 2500 से लेकर 3000 क्विंटल साठी धान को खरीद चुके हैं। इसमें 1509 फसल पिछले साल 2200 रुपये से लेकर 2300 रुपये क्विंटल सीजन के शुरुआत में ब्रिकी हुई थी। इस साल उनकी 1509 धान की फसल 2100-2200 रुपये क्विंटल बिक्री हुई है। उधर, शामली में आरएमओ संजीव राय का कहना है कि अक्तूबर माह से एमएसपी पर धान की खरीद होगी। सहारनपुर मंडल में धान खरीद के केंद्रों का निर्धारण नहीं हुआ है।
कमाई का जरिया बन गई साठी धान की फसल
चौसना। पिछले कई वर्षों से साठी धान की फसल का प्रचलन अधिक हो गया है। साठी फसल से एक ओर तो किसानों को एक समयावधि में दो फसल की पैदावार हो जाती है, जिससे किसान को अधिक मुनाफा और फसल का उचित मूल्य मिल पाता है। दूसरी इसकी एक अहम वजह यह है कि छोटा मझौला किसान अपनी जमीन को ठेके पर देकर अन्य कामों से अपना परिवार चलाता है। ठेके पर जमीन को लेकर बुआई करने के दौरान किसान अधिक पैसा कमाने की उम्मीद करता है, जिसके कारण साठी फसल से किसान के अपनी अग्रिम फसल की लागत भी साठी धान से मिल जाती है। किसान बताते हैं कि साठी धान की फसल की पैदावार 15 अगस्त तक अमूमन मिल जाती है जिसके बाद किसान दूसरी सीजनल फसल उगा पाता है।
मुनाफा अधिक कैसे
चौसाना। किसानों का मानना है कि साठी धान की लागत प्रति बीघा करीब ढाई हजार आती है जबकि प्रति बीघा की बिक्री दस हजार से अधिक होती है। वही सीजनल धान पर लागत करीब 3500 रुपये आती है। जिसकी बिक्री आठ के आसपास ही हो पाती है। यही वजह है कि किसान साठी धान को मुनाफे का सौदा मानते हैं।
क्या कहते है किसान
- इस बार 17 बीघा साठी धान को उगाया था, जिसमें कुल 83 क्विंटल धान की पैदावार हुई। जिसकी मंडी में बिक्री 2183 रुपये प्रति क्विंटल हुई। अब धान की दूसरी फसल लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। पिछले कई वर्षों से साठी धान से अच्छा मुनाफा लिया है। - मदन, किसान
- इस बार 14 बीघा धान से कुल 70 क्विंटल धान की पैदावार हुई है। 2110 प्रति क्विंटल में बिकी जिससे मुझे लागत से कई अधिक मुनाफा हुआ। साठी का भाव भी अधिक मिलता है। हर वर्ष सीजनल धान से अधिक रेट साठी का मिलता है। - जयवीर सिंह, किसान
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- साठी धान दस बीघा लगाई थी, जो पकी हुई खड़ी है। साठी धान की पैदावार के बाद खेत को अधिक उपजाऊ बनाने के लिए गोबर आदि का खाद डालकर खाली छोड़ देते हैं। - राजकुमार, किसान
धान का यह है नया मूल्य
कामन धान 1940 रुपये प्रति क्विंटल
ग्रेड वन 1960 रुपये प्रति क्विंटल

चौसाना में साठी धान को मंडी में ले जाते किसान- फोटो : SHAMLI

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