शामली। बुधवार को कलक्ट्रेट में आयोजित किसान दिवस में अधिकारियों ने पिछली बैठक में उठी शिकायतों के समाधान का दावा किया तो किसानों ने डीएम के सामने ही उनके झूठ की पोल खोल दी।
बैठक में जिला कृषि अधिकारी प्रदीप कुमार ने कहा कि झिंझाना के गाड़ी वाले चौराहे पर टूटी सड़क का निर्माण करा दिया गया है। इस पर वहां मौजूद किसान आमिर खड़े हो गए और कहा झूठ बोला जा रहा है। आज भी सड़क टूटी हुई है। किसान ने टूटी सड़क का वीडियो डीएम को देते हुए कार्रवाई की मांग की। यह देख डीएम भी हैरान रह गए।
बुधवार को जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान की अध्यक्षता में किसान दिवस आयोजित किया गया। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जो मुद्दे पूर्व की बैठक में प्रमुखता के साथ उठाए गए थे और उनका समाधान किया जा चुका है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि डांगरौल गांव में पेयजल समस्या का समाधान कराया जा चुका है, जिस पर किसान राजन जावला ने कहा कि एक माह से अधिक समय से उनके गांव में पेयजल टंकी खराब है।
पानी नहीं मिल रहा। जल निगम के एक्सईएन फूल सिंह ने कहा कि पेयजल टंकी उनके विभाग के अंतर्गत नहीं आती। जिस पर राजन ने कहा कि आप झूठ बोल रहे हैं, बनने के दस साल बाद तक जिम्मेदारी आपकी है। याेंगेंद्र कुमार ने कहा कि बार-बार मांग के बावजूद जर्जर तारों से निजात नहीं मिल पा रही। भाकियू के प्रदेश महासचिव अनिल मलिक ने ऊर्जा निगम के एक्सईएन तृतीय, जेई और अन्य अधिकारियों पर आरोप लगाया कि ये अधिकारी कॉल रिसीव हीं करना मुनासिब नहीं समझते। कार्यालयों में मिलने के लिए जाते हैं तो समस्या का समाधान नहीं किया जाता। जिलाधिकारी समिति गठित कर मामले की जांच के आदेश दिए। इस मौके पर कविता चौधरी, दुष्यंत चौधरी, जयपाल मलिक, मैनपाल गुर्जर,सुधीर गोहरनी, आदि शामिल रहे।
पहले बोलने को लेकर आपस में उलझे : भाकियू अराजनीतिक के पूर्व अध्यक्ष दुष्यंत मलिक और सुधीर गोहरनी किसान दिवस में उस समय उलझ गए, जबकि ऊर्जा निगम के अधिकारियों की शिकायत की जा रही थी। बाद में अन्य किसानों ने मामला शांत कराया। दोनों पहले अपनी बात रखने का प्रयास कर रहे थे।