किसानों ने मांगा बढ़ा हुआ मुआवजा
बाबरी (शामली)। दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर हाईवे किसान संघर्ष समिति की बैठक मंगलवार को बाबरी में कैड़ी मार्ग पर स्थित पेट्रोल पंप पर हुई। बैठक में समिति की ओर से निर्णय लिया गया कि बढ़े मुआवजे, बची हुई जमीन का समाधान, सड़क के दूसरी ओर पानी की व्यवस्था और खेतों के लिए अंडरपास घोषित होने तक हाईवे निर्माण कंपनी के कर्मचारियों को खेतों में नहीं घुसने देंगे।
समिति ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के लोगों की ओर से किसानों को पिछले आठ महीनों से गुमराह किया जा रहा है, लेकिन अभी तक किसानों की समस्याओं का समाधान कराने में रुचि नहीं ली है। जिस कारण किसान परेशानी के दौर से गुजर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि संघर्ष समिति की पंचायत एक माह पूर्व कलक्ट्रेट शामली में हुई थी, जिसमें भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत भी मौजूद रहे थे। उस समय प्रशासन द्वारा एनएचएआई के अधिकारियों और किसानों की बैठक बुलाने के लिए कहा था, इसके बाद आचार संहिता लगने के कारण बैठक स्थगित कर दी गई थी।
बैठक में चेतावनी दी गई कि कि प्रशासन जल्दी ही बातचीत का दौर शुरू करें नहीं तो किसानों को मजबूरन सड़कों पर आना पड़ेगा। इस अवसर पर जोगिंदर सिंह प्रधान, प्रमोद, सतपाल सिंह, बिजेंद्र सिंह, सुरेश, हाजी तूफेल, सुनील सैनी, मोंटी आदि मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता ठाकुर वीर सिंह और संचालन विदेश मलिक ने किया।