शामली। खेती के सबसे अहम समय में किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। जनपद की अधिकांश सहकारी समितियों पर न तो यूरिया उपलब्ध है और न ही डीएपी। धूप में घंटों लाइन में लगने के बाद भी किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
कहीं स्टॉक खत्म होने की बात कह दी जाती है तो कहीं सीमित मात्रा में खाद का वितरण किया जा रहा है। हालात यह हैं कि किसान एक समिति से दूसरी समिति तक चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं, जबकि फसलों की बुवाई का समय लगातार निकलता जा रहा है।
शामली : माजरा रोड इफको केंद्र
शहर के माजरा रोड स्थित इफको केंद्र पर किसानों की लंबी कतार रही। धूप में खड़े कई किसानों को खाद नहीं मिल पाया। गोदाम कर्मचारी ने बताया कि मात्र 138 बोरी यूरिया उपलब्ध थी, जिसे वितरित कर दिया गया। डीएपी पिछले एक माह से उपलब्ध नहीं है। करीब 100 किसानों को बिना खाद के लौटना पड़ा। किसान राजबीर और रोहित ने बताया कि कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं, जबकि प्राइवेट दुकानों पर महंगे दामों पर खाद मिल रही है।
गन्ना समिति स्थित खाद केंद्र
गन्ना समिति में स्थित खाद केंद्र पर यूरिया और डीएपी उपलब्ध नहीं थी। प्रभारी संजय सैनी ने बताया कि गोदाम क्षतिग्रस्त होने के कारण फिलहाल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। शुक्रवार को खाद आने की उम्मीद है, अन्यथा अगले सप्ताह तक इंतजार करना पड़ेगा।
ऊन स्थित बी-पैक्स समिति
कस्बा ऊन की बी-पैक्स समिति में पिछले एक सप्ताह से खाद का संकट बना हुआ है। एमडी देवेंद्र कुमार ने बताया कि जनपद से आवंटन मिलने के बाद ही खाद उपलब्ध हो सकेगी।
हसनपुर लुहारी समिति
यहां पिछले एक सप्ताह से खाद की सप्लाई नहीं आई है। किसान सुमित ने बताया कि समय पर खाद न मिलने से फसल की वृद्धि प्रभावित हो रही है। सचिव तरुण कुमार ने कहा कि तीन से चार दिन में आपूर्ति आने की उम्मीद है।
बिडौली खाद समिति
बिडौली में पिछले दो सप्ताह से खाद की किल्लत बनी हुई है। एमडी अशोक कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है, आपूर्ति मिलते ही वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
यूरिया और डीएपी की रैक आ चुकी है। जिन समितियों पर खाद की कमी है, वहां जल्द ही मांग के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित कर दी जाएगी। प्रदीप कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी