शामली। जिले में किसानों की समस्याओं को लेकर बुधवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की।
किसानों ने कहा कि थानाभवन और ऊन शुगर मिल पर किसानों का 70 करोड़ रुपये से अधिक गन्ना भुगतान बकाया है, जिसके चलते किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इसके अलावा भैंसवाल क्रय केंद्र की अधिक दूरी, स्मार्ट मीटर लगाए जाने का विरोध, बिजली बिलों की बढ़ोतरी और बेसहारा पशुओं से फसलों की बर्बादी जैसे मुद्दों पर भी किसानों ने कड़ा रोष जताया।
करीब तीन घंटे तक चले धरने के बाद किसानों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा।
ज्ञापन में मांग की गई कि सभी फसलों के लिए एमएसपी का कानून तुरंत संसद और विधानसभाओं में पारित किया जाए तथा एमएसपी को सी-2 प्लस 50 प्रतिशत लाभ के साथ कानूनी गारंटी दी जाए। किसानों ने बिजली बिल 2025 वापस लेने, बिजली के निजीकरण को रोकने और किसानों को निशुल्क बिजली उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई। साथ ही मनरेगा मजदूरी 700 रुपये प्रतिदिन निर्धारित करने की बात कही गई।
किसानों का कहना था कि ऊर्जा निगम के अधिकारी स्मार्ट मीटर के नाम पर लगातार परेशान कर रहे हैं, जबकि किसानों की फसलें बेसहारा पशुओं से बर्बाद हो रही हैं, लेकिन प्रशासन कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रहा। उन्होंने कहा कि गन्ना भुगतान न मिलने से किसान आर्थिक रूप से टूट रहे हैं और खेती-किसानी प्रभावित हो रही है। धरने में जिलाध्यक्ष शांता प्रधान, प्रदेश संगठन मंत्री मास्टर जाहिद, आशु मलिक, सुधीर, कालूराम, अजीत सिंह, विदेश मलिक, कुलदीप पंवार, मुकम्मिल पहलवान, मोहम्मद आरिफ, योगेंद्र पंवार, कविता, प्रभात मलिक व पप्पू मलिक समेत बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे।