शामली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में किसानों को राहत देने के नाम पर विभागीय लापरवाही का बड़ा खेल सामने आया है। जिले के दर्जनों गांवों में पांच से लेकर 13 साल तक के 78 नाबालिग बच्चों के खातों में भी सम्मान निधि की किस्तें डाल दी गईं। यह खुलासा कृषि निदेशालय लखनऊ की जांच में हुआ है।
नियम कहते हैं कि किसान सम्मान निधि का लाभ केवल 18 साल से अधिक उम्र के पात्र किसानों को ही दिया जाएगा। बावजूद इसके, नाबालिग बच्चों के नाम पर जारी की गई निधि ने पूरे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब उप कृषि निदेशक को निदेशालय से पत्र भेजकर दोबारा सत्यापन कराने और विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा गया है। शामली जिले में इस समय 1.44 लाख किसान पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ उठा रहे हैं। पात्र किसानों को सालाना छह हजार की सहायता राशि तीन किस्तों में दी जाती है। जिले के किसानों को अब तक 20 किस्तें मिल चुकी हैं। योजना में स्पष्ट प्रावधान है कि लाभार्थी की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
सत्यापन रिपोर्ट के अनुसार, इनके खातों में पहुंची राशि
1.गोगवान गांव में 12 साल का मासूम
2. झारखेड़ी में 11 साल का मासूम
3. खंद्रावली और लिलोन में 5-5 साल के मासूम
4. गढ़ी हसनपुर और जसाला में 13 साल कामासूम
5. कांजरहेड़ी में 14 साल के मासूम
इसके अलावा थानाभवन, ऊन और बाबरी क्षेत्र के करीब 15 गांवों में भी इसी तरह नाबालिगों के खातों में सम्मान निधि भेजे जाने का मामला सामने आया है।
-निदेशालय से मिली सूची पर 12 टीमें लगाकर पुनः सत्यापन कराया जा रहा है। यदि किसी अपात्र व्यक्ति या नाबालिग के खाते में राशि गई है तो रिकवरी कराई जाएगी। सत्यापन के बाद ही सही स्थिति स्पष्ट होगी।
-प्रदीप यादव, जिला कृषि अधिकारी शामली
आखिर किसकी गलती
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पांच से 13 साल के बच्चों के खाते में सम्मान निधि कैसे और किसकी लापरवाही से पहुंची।
क्या आवेदन प्रक्रिया के दौरान विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने आधार और उम्र का सत्यापन तक जरूरी नहीं समझा। या फिर किसानों के नाम पर विरासत में मिली जमीन का हवाला देकर खामियों पर आंख मूंद ली गई।
मृतकों के खाते में भी गई थी निधि
यह पहली बार नहीं है जब कृषि विभाग की लापरवाही उजागर हुई हो। करीब छह माह पहले हुई जांच में भी 304 मृतक किसानों के खातों में निधि भेजी गई थी। इस मामले में विभाग ने परिजनों से 31 लाख रुपये की रिकवरी की थी।
किसानों के पास पहुंच रहे एसएमएस
इधर, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से किसानों को लगातार एसएमएस भेजे जा रहे हैं। इसमें आधार और आवेदन में भिन्नता होने की सूचना दी जा रही है। कहा गया है कि यदि खामी दूर नहीं की गई तो अगली सम्मान निधि की किस्त रोक दी जाएगी। किसानों से अपील है कि वे स्वयं पोर्टल या जनसेवा केंद्र के माध्यम से अपनी त्रुटियां सुधार लें।