कलक्ट्रेट में एडीएम को ज्ञापन देते किसान । संवाद
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शामली। जिले में गन्ना किसानों का बकाया भुगतान लंबे समय से नहीं हो रहा है। इसी को लेकर शुक्रवार को राष्ट्रीय समन्वय किसान मंच के बैनर तले किसानों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि जब तक गन्ने का पूरा भुगतान नहीं हो जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
किसानों ने एडीएम सत्येंद्र सिंह को दिए ज्ञापन में बताया कि जिले की तीनों चीनी मिलों पर 179.69 करोड़ रुपये बकाया है। इनमें थानाभवन मिल पर 104.7 करोड़, ऊन मिल पर 47.17 करोड़ और शामली मिल पर 27.82 करोड़ रुपये का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। किसानों का आरोप है कि हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है, लेकिन वास्तविक भुगतान नहीं होता।
किसानों ने कहा कि भुगतान न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति बदहाल हो चुकी है। कई किसानों की बेटियों की शादियां टल गई हैं, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और बीमारों का इलाज तक नहीं हो पा रहा। ऊपर से कृषि कार्ड पर ब्याज बढ़ता जा रहा है और बिजली बिल न चुकाने पर पेनल्टी लगाई जा रही है। कई किसानों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए, जिससे ग्रामीण इलाकों में छात्रों की पढ़ाई ठप हो गई है।
13 अक्तूबर को पंचायत की चेतावनी
किसान यामीन व उदयवीर आदि ने मांग की कि गन्ने का समर्थन मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए और बकाया भुगतान तत्काल कराया जाए। मंच के जिलाध्यक्ष मा. संजीव सिलावर ने चेतावनी दी कि यदि 14 दिन के भीतर भुगतान नहीं हुआ तो 13 अक्तूबर को जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर पंचायत आयोजित की जाएगी। ज्ञापन देने वालों में मा. संजीव सिलावर, उदयवीर सिंह, ओंकार मलिक, विनोद कुमार, कंवरपाल राणा, सुरेंद्र आर्य, वीरेंद्र कुमार व यामीन खान समेत बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे।